देहरादून:Uttarakhand में सरकारी खरीद प्रक्रिया को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी बनाने को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से संबंधित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन और उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विभागों में किसी भी प्रकार की खरीद के दौरान निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स के साथ-साथ संबंधित BIS मानकों और गुणवत्ता मानकों का भी प्रभावी रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी खरीद में उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
Uttarakhand सरकारी विभागों में होंगी BIS की वर्कशॉपमुख्य सचिव ने भारतीय मानक ब्यूरो को संबंधित विभागों के साथ नियमित वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने BIS मानकों और गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर एडवाइजरी जारी करने को कहा, ताकि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी खरीद के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों की पूरी जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) के संबंध में अधिकारियों के बीच जागरूकता और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए BIS को विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
उद्योग और व्यापारियों को भी किया जाएगा जागरूक
मुख्य सचिव ने कहा कि केवल सरकारी विभागों तक ही सीमित न रहकर उद्योगों और ट्रेडर्स के बीच भी BIS मानकों एवं क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स को लेकर जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके लिए इंडस्ट्री और ट्रेडर्स के साथ कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यशालाओं में BIS के विशेषज्ञ और सक्षम रिसोर्स पर्सन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रतिभागियों को मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उनके अनुपालन की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि कपैसिटी बिल्डिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए इस दिशा में लगातार प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
सभी विभागों तक पहुंचाई जाएंगी BIS से जुड़ी जानकारियां
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि भारतीय मानक ब्यूरो से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और सूचनाएं सभी संबंधित विभागों तक नियमित रूप से पहुंचाई जाएं। इसके साथ ही संबंधित सचिवों के साथ भी नियमित संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि BIS मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर बेहतर तालमेल जरूरी है। इसके अलावा BIS द्वारा जिलाधिकारियों के साथ आयोजित की जाने वाली बैठकों में भी इस विषय पर प्रस्तुतिकरण किया जाए, ताकि जनपद स्तर पर भी गुणवत्ता और मानकीकरण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जा सके।
उपभोक्ताओं को BIS CARE ऐप की दी जाएगी जानकारी
बैठक में उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों को उनके उपभोक्ता अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की पहचान के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।
इसके लिए BIS CARE ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता किसी उत्पाद की गुणवत्ता और BIS प्रमाणन से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर उत्पाद से जुड़ी शिकायत या प्रमाणन का सत्यापन भी किया जा सकता है।
BIS CARE ऐप से ISI मार्क और HUID की हो सकेगी जांच
बैठक में बताया गया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विकसित BIS CARE ऐप उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता और प्रमाणिकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है।
ऐप के माध्यम से उपभोक्ता उत्पाद पर अंकित ISI मार्क और लाइसेंस नंबर की सत्यता की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के R-नंबर और स्वर्ण आभूषणों पर अंकित HUID नंबर का भी सत्यापन किया जा सकता है।
ऐप पर भारतीय मानकों से संबंधित जानकारी, BIS कार्यालयों और प्रयोगशालाओं की जानकारी भी उपलब्ध है। यदि किसी उपभोक्ता को नकली ISI मार्क, मानकों के उल्लंघन या किसी अन्य अनियमितता की जानकारी मिलती है तो वह ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
सरकार का मानना है कि BIS CARE ऐप के व्यापक प्रचार से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की खरीद में मदद मिलेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, BIS के उप महानिदेशक नॉर्थ श्री दीपक कुमार सिंघला, निदेशक एवं डीएचबीओ श्री हेमंत बी. अदे, अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डेय, श्रीमती रुचि मोहन रयाल और सुश्री झरना कामठान मौजूद रहीं।
इसके अलावा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड से श्री पंकज गुप्ता, सीसीआईआर-सीबीआरआई रुड़की से डॉ. नवल किशोर बंजारा और आईआईटी रुड़की से डॉ. आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

