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महिला और नवजात की मौत के बाद सेवा हॉस्पिटल सील

On: October 7, 2026 7:14 PM
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महिला और नवजात की मौत के बाद सेवा हॉस्पिटल सील

मजिस्ट्रेट तहसीलदार, चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में हॉस्पिटल पर चला चाबुक

बिना पंजीकरण संचालित होने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप

सहसवान (बदायूं) सहसवान कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अकबराबाद हरदतपुर मार्ग पर प्रसव को आई महिला एवं उसके नवजात की मौत के मामले के बाद मजिस्ट्रेट तहसीलदार व चिकित्सा अधीक्षक के साथ राजस्व विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेवा अस्पताल में पहले से मौजूद मरीज को बाहर करके हॉस्पिटल को सील कर दिया।जांच के दौरान हॉस्पिटल के बिना पंजीकरण संचालित होने की बात सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
बताया जाता हैं कि हरदत्तपुर रोड स्थित सेवा हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला और नवजात की मौत हो गई महिला एवं नवजात की मौत के बाद हॉस्पिटल का स्टाफ मृतक दोनों लोगों को चार पहिया वाहन में डालकर ग्राम गढ़ोलिया पट्टी तासोल उर्फ धूबिया उसके आवास पर पहुंचकर आए थे।घटना के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक जच्चा-बच्चा के शव पोस्टमार्टम के लिए सुपर्द करने को कहा तो परिजनों ने इंकार कर दिया।

मामला समाचार पत्रों में सुर्खियां बनने के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल का निरीक्षण किया।तथा मामले की जानकारी तत्काल मजिस्ट्रेट तहसीलदार राकेश कुमार को दी जिस पर मजिस्ट्रेट राजस्व टीम तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर सेवा हॉस्पिटल आरोपी अस्पताल पहुंचे जहाँ अस्पताल में पहले से मौजूद आधा दर्जन से ज्यादा मरीज को अस्पताल से बाहर निकाला निकले गए मरीजों में सभी मरीजों से चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी ने कहा कि उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं उपचार के वास्ते भरती करा दिया जाएगा मरीजो के निकलते समय अधिकांश मरीज मौके से गायब हो गए मात्र एक मरीज नेक्सी पत्नी नत्थू निवासी नगला बरन ही जिला अस्पताल जाने के लिए तैयार हुई जिस एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद उसे उपचार के वास्ते राजकीय मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से भेज दिया गया।जांच के दौरान पंजीकरण संबंधी अभिलेखों में खामियां मिलने पर टीम ने हॉस्पिटल को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना मानक और पंजीकरण के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।आरोपी सेवा हॉस्पिटल में 15 मार्च 2026 को भी जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी मृतकों के परिजनों द्वारा हंगामा करने के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी द्वारा 16 मार्च को मुकदमा अपराध संख्या 107/26 पर गंभीर धाराओं में नामदर्ज रिपोर्ट लिखाई गई थी तथा अस्पताल को सील कर दिया गया था इसी आरोपी सेवा हॉस्पिटल में दोबारा एक और जच्चा-बच्चा की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग पर उंगलियां उठाना लाजिम है संचालक के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि महिला और नवजात की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है या चंद दिन के बाद हॉस्पिटल का संचालन पुनः प्रारंभ हो जाएगा यह सवाल क्षेत्र के लोगों की जुबान पर तैर रहा है।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी 

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