नसीरपुर टप्पा मलसईं गांव में हेपेटाइटिस-सी बीमारी फैलने से दो सगे भाइयों की मौत, परिवार में मचा कोहराम
लगभग पांच दर्जन से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत से कर रहे है संघर्ष
दहगवां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो 7 लोग हेपेटाइटिस-सी का शिकार पाए गए
बीमारी फैलने से गांव में मचा हड़कंप, झोलाछाप चिकित्सकों की शरण में लोग ले रहे हैं दवा
सहसवान (बदायूं) एस.पी.सैनी। एक सप्ताह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां के अंतर्गत ग्राम नसीरपुर टप्पा मलसई में गांव में अचानक फैले हेपेटाइटिस सी बीमारी के चलते चपेट में आए सर्वप्रथम बृजेश पुत्र होरीलाल 16 वर्ष की मृत्यु हो गई जबकि अगले दिन होरीलाल के ही दूसरे पुत्र मोरपाल 20 वर्ष की दिल्ली के एक निजी चिकित्सालय में मृत्यु हो गई घटना से गांव में हड़कंप मचा हुआ है।दहगवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पहुंची टीम ने गांव में पहुंचकर 100 से ज्यादा हेपेटाइटिस-बी की जांच की जिसमें 7 लोग हेपेटाइटिस बी के शिकार पाए गए जिनका उपचार किया जा रहा है।

बताया जाता है की होरीलाल का परिवार ईट भट्टे पर ही हेपेटाइटिस का शिकार हो गया था और होरीलाल के परिवार के संपर्क में आते ही गांव के लोग भी हेपेटाइटिस का शिकार हो गए जिसके कारण में पांच दर्जन से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस का शिकार हो गए।हेपेटाइटिस बी की जांच में इलियास पुत्र मोहम्मद शेर नरेश पुत्र तोताराम सर्वेश पुत्र नेम सिंह गोपाल की पत्नी तथा होरीलाल के रिश्तेदार ग्राम नंदपुर संभल के तथा साहब सिंह के रिश्तेदार वीरपाल किशोर मालदेवी पत्नी वीरेंद्र जांच में हेपेटाइटिस के लक्षण पाए गए।टीम ने जांच के उपरांत लोगों को दवाई उपलब्ध कराई तथा उन्हें उचित सलाह देकर अच्छे चिकित्सक से उपचार कराने का सुझाव दिया।
ग्राम में हेपेटाइटिस बी फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है तो वहीं कुछ लोग झोलाछाप से अपना उपचार कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान उदय प्रताप ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से गांव में टीम भेज कर बड़े स्तर पर कैंप लगाकर मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
इधर स्वास्थ्य विभाग की पहुंची टीम के चिकित्सक डॉक्टर हसन ने लोगों की हेपेटाइटिस बी की जांच का उन्हें दवाई उपलब्ध कराई तथा उनसे किसी अच्छे चिकित्सक से उपचार करने की सलाह दी व लोगों से एक दूसरे के संपर्क में न आने की भी जानकारी दी।

