फर्जी स्टांप पेपर तैयार कर जमीन हड़पने के आरोप में पुलिस ने सात लोगो के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
बदायूं।जमीन के स्वामित्व को लेकर फर्जी स्टांप पेपर तैयार कर धोखाधड़ी,कूटरचना और जालसाजी करने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।आरोप है कि विवादित संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी सौदान सिंह पुत्र रामभरोसे ने एसीजे (एसडी) प्रथम/एसीजेएम न्यायालय,बदायूं में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके ससुर श्याम सिंह और रायसिंह सगे भाई थे।श्याम सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी गंगादेवी संपत्ति की मालिक बनीं और बाद में उन्होंने अपनी संपत्ति की वसीयत बेटी विधा देवी के नाम कर दी।
सौदान सिंह ने आरोप लगाया कि साझे की बैठक पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के दौरान राजेंद्र पुत्र रेवाराम,रामनिवास पुत्र बादाम सिंह, गौतम,सुरजीत और अमरदीप पुत्रगण अखिलेश, मीरा पत्नी अखिलेश व नन्हे पुत्र विश्राम ने मिलकर साजिश रची। आरोप है कि 19 जून 2024 को विवादित जमीन को लेकर फर्जी स्टांप पेपर और नोटरी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर स्वामित्व का दावा करने का प्रयास किया गया।प्रार्थना पत्र में कहा गया कि संबंधित भूमि और बैठक पर राजेंद्र पुत्र रेवाराम का कोई स्वामित्व या हिस्सा नहीं था, फिर भी सहखातेदार के नाम का उपयोग कर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए।
शिकायत के बाद एसएसपी के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों, लेखपाल रमेश कुमार यादव और कानूनगो प्रभान सिंह ने जांच कराई। 20 फरवरी 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में राजेंद्र का संबंधित भूमि में कोई हिस्सा न होना दर्ज किया गया।इसके बाद सौदान सिंह ने 10 अप्रैल और 20 अप्रैल 2026 को भी कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली।अब न्यायालय के आदेश पर कादरचौक पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचना, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

