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दातागंज में आंधी से बचने के लिए झोंपड़ी में छिपे थे भाई-बहन, मौत बनकर गिरा ट्रांसफॉर्मर

On: June 16, 2026 7:22 PM
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दातागंज में आंधी से बचने के लिए झोंपड़ी में छिपे थे भाई-बहन, मौत बनकर गिरा ट्रांसफॉर्मर

सगे भाई-बहन की मौंत से संतोष के परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़ 

दातागंज।तहसील क्षेत्र के हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव जमालपुर में सोमवार शाम दर्दनाक हादसे में भाई-बहन की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया।तेज आंधी और बारिश से बचने के लिए भाई-बहन झोंपड़ी में छिपे थे।उन्हें क्या मालूम था कि यहां भी उनकी जान पर मय खंभों के ट्रांसफॉर्मर मौत बनकर गिर पड़ेगा।हादसे ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया।संतोष के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जमालपुर गांव निवासी संतोष की 11 वर्षीय बेटी अनामिका और पांच वर्षीय बेटा विशेष खेत में ट्यूबवैल के पास धान की पौध रखा रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब हो गया।तेज आंधी आने के साथ ही बारिश शुरू हो गई।आंधी-बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चे पास में बनी झोंपड़ी में जाकर बैठ गए।तेज हवा के कारण ट्यूबवेल को चलाने के लिए लगा ट्रांसफॉर्मर मय बिजली के खंभे के साथ उखड़ गया।देखते ही देखते पूरा ढांचा झोंपड़ी पर आ गिरा।भारी ट्रांसफॉर्मर और खंभों के नीचे आकर दोनों बच्चे दब गए।हादसे की आवाज सुन ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया।जब तक ट्रांसफॉर्मर हटाया,तब तक मासूमों की सांसें थम चुकी थीं।घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।परिवार के लोग बदहवास हो गए।मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। संतोष खेतीबाड़ी के साथ बुकिंग पर कार चलाने का काम करते हैं।हादसे के वक्त कार चालक पिता नहीं थे गांव में:-बच्चों के पिता संतोष हादसे के समय गांव में मौजूद नहीं थे।परिवार के लोगों ने उन्हें घटना की सूचना दी तो वह गांव लौटने के लिए रवाना हो गए।गांव वालों का कहना है कि परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा है,जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

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