PM Modi Giorgia Meloni joint blog : अपने विदेश दौरे के आखिरी चरण में बुधवार को इटली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक विशेष साझा ब्लॉग लिखा है. इस लेख में दोनों वैश्विक नेताओं ने भारत और इटली के हजारों साल पुराने सभ्यतागत संबंधों, आर्थिक विकास और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की. ब्लॉग में साफ कहा गया है कि ‘मेड इन इटली’ हमेशा से दुनिया में एक्सीलेंस (उत्कृष्टता) का प्रतीक रहा है और आज ‘मेक इन इंडिया’ पहल के उच्च गुणवत्ता वाले लक्ष्यों के साथ इसकी साझेदारी पूरी तरह स्वाभाविक है.
2029 तक 20 बिलियन यूरो के व्यापार का लक्ष्य
दोनों प्रधानमंत्रियों ने साझा लेख में एक बड़े आर्थिक विजन को सामने रखा है. भारत और इटली के बीच यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के जरिए व्यापार और निवेश बढ़ाने की बात कही गई है. दोनों देशों ने मिलकर साल 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन यूरो (20 अरब यूरो) के टारगेट तक पहुंचाने और उससे भी आगे ले जाने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए डिफेंस, एयरोस्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, मशीनरी, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल्स, टेक्सटाइल, एग्री-फूड और टूरिज्म जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
1000 से ज्यादा कंपनियां कर रही हैं काम
ब्लॉग के अनुसार, भारत में उत्पादन को लेकर इटली की कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है, वहीं इटली में भी भारतीय इंडस्ट्रीज अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. मौजूदा समय में दोनों तरफ ऐसी कंपनियों की संख्या बढ़कर 1,000 से भी ज्यादा हो चुकी है, जो दोनों देशों की सप्लाई चेन को मजबूत कर रही हैं.
AI पर साझा विजन और मानवीय मूल्य
तकनीक के मोर्चे पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास जिम्मेदार और मानव-केंद्रित होना चाहिए. भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और ‘MANAV’ विजन की तारीफ करते हुए मेलोनी और मोदी ने कहा कि AI को ग्लोबल साउथ के समावेशी विकास का जरिया बनना चाहिए. लेख के अंत में भारतीय संस्कृति के ‘धर्म’ व ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) के सिद्धांत और इटली की पुनर्जागरण काल की मानवतावादी परंपरा का जिक्र करते हुए दोनों नेताओं ने आपसी प्रतिबद्धता दोहराई.

