HPCL Double Murder: अवैध असलहों का सौदागर था अभय, राजनीतिक संरक्षण से बनाया साम्राज्य
बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसराें की हत्या के आरोप में पकड़े गए अभय प्रताप सिंह का क्षेत्र में रसूख था। राजनीतिक संरक्षण के चलते वह अपना एक अलग साम्राज्य चला रहा था। यही नहीं अभय अवैध असलहों का सौदागर भी था। सोशल मीडिया पर उसके तमाम फोटो व वीडियो वायरल हो चुके हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस-प्रशासन में उसकी मजबूत पकड़ थी। उसके खिलाफ कोई मुंंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।पुलिस ने आरोपी अभय के बताए स्थान ग्राम मुड़सैना के जंगल के पास से एक देशी 32 बोर पिस्टल, एक मैगजीन,दो तमंचे (315 बोर), 10 कारतूस और 4 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बीती 12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को घटना में प्रयुक्त असलहा उसके तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह ने ही उपलब्ध कराए थे।जांच में यह भी सामने आया है कि जिसे भी अवैध असलहों की जरूरत होती थी वह अभय से संपर्क करता था।इसके लिए अभय मनमाने पैसे भी लेता था। जल्द ही कई अन्य लोगों के नाम इस मामले में सामने आने की उम्मीद है।
राजनीतिक पकड़ से क्षेत्र में चलती थी दबंगई:-आरोपी अभय प्रताप सिंह की राजनीतिक पकड़ काफी अच्छी थी। इसी के चलते वह पूरे दातागंज इलाके में दबंगई करता था।प्लांट में मारपीट, निर्माणाधीन महिला पीएसी बटालियन के गार्ड से मारपीट,सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, ग्राम समाज की भूमि पर बाजार लगवाकर तहबाजारी वसूलने समेत कई गलत कार्यों में अभय का नाम सामने आ चुका है।केवल इस वारदात में उनके राजनीतिक आका भी नहीं काम आ सके और वह सलाखों के पीछे जा पहुंचा है|
मुख्य आरोपी अजय का फोन पुलिस के लिए बना पहेली:-इस मामले के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का मोबाइल फोन पुलिस ने अब तक बरामद नहीं किया है।इसके साथ ही इस वारदात में कई अन्य लोगों के मोबाइल फोन बातचीत की कॉल डिटेल भी खुलकर सामने नहीं लाई जा रही है।सूत्र बताते हैं कि इस वारदात के पहले व बाद में मुख्य आरोपी अजय व अभय ने खुद के बचाव के लिए कई प्रभावशाली लोगों को फोन किए।इसमें कई पुलिसकर्मी भी हैं। अब तक फोन बरामद न होने से इस मामले से जुड़े तमाम चेहरे सामने नहीं आ सके हैं।
मारपीट व तहबाजारी वसूलने में पकड़ा गया अभय का भाई शिवम:-आरोपी अभय प्रताप सिंह का सगा भाई शिवम प्रताप सिंह तहबाजारी व प्लांट के कर्मचारी के साथ मारपीट के मामले में पकड़ा गया है। इसके खिलाफ भी पहले से अपराधिक केस दर्ज है।
कोर्ट में सरेंडर करना चाहता था अभय:-आरोपी अभय प्रताप सिंह पुलिस के बिछाए जाल में फंस गया।घटना के बाद से उसने करीब 50 सिमकार्ड भी बदले। जब उसने कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बनाई तो पुलिस ने उसे पकड़ने का जाल बिछा लिया। पता लगा कि अभय आगरा या राजस्थान में है।इसके बाद एसओजी ने उसे फिरोजाबाद से पकड़ लिया।
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