खुद को सिपाही बताकर लेखपाल को धमकाया, रिपोर्ट दर्ज..
बदायूं।निर्माण को लेकर परिवार के लोगों की शिकायत पर कथित महिला सिपाही पर सिविल लाइंस पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोप है।कि महिला मजार की चाहरदीवारी अवैध तरीके से बना रही थी।हल्का लेखपाल और उनकी टीम से अभद्र व्यवहार करने व सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने महिला सिपाही का शांति भंग में चालान भी शुक्रवार को कर दिया।
सदर तहसील में तैनात लेखपाल रूपेंद्र सिंह शाक्य ने बताया कि उनकी तैनाती शेखूपुर क्षेत्र में है। शुक्रवार अपराह्न करीब दो बजे एसडीएम सदर के व्हाट्सएप नंबर पर सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के नेकपुर के रहने वाले रनवीर सिंह पुत्र रामचरण सिंह ने अवैध रूप से मजरा की चाहरदीवारी बनाने की शिकायत भेजी थी।शिकायत मिलने के बाद हलका लेखपाल,चौकी प्रभारी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।वहां रनवीर सिंह की सहखातेदार रोशीला पत्नी मुशर्रफ पुत्री प्यारेलाल निवासी शेखपुर, हाल निवासी गाजियाबाद द्धारा अवैध रूप से मजरा की चाहरदीवारी बनवा रहीं थीं।जिसे टीम ने रुकवा दिया।
आरोप है।कि मजरा की चाहरदीवारी रुकवाने से नाराज रोशीला ने खुद को गाजियाबाद में तैनात हेड कांस्टेबल बताते हुए लेखपाल और टीम को धमकाया।कहा कि वह अनुसूचित जाति की है और एससी-एसटी एक्ट व छेड़खानी के केस में फंसा देगी। लेखपाल रूपेंद्र सिंह शाक्य का कहना है।कि शेखपुर में अवैध रूप से बनी मजार की चाहरदीवारी कराए जाने से सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी।सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली में शिकायती पत्र दिया। जिसपर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर महिला सिपाही को गिरफ्तार कर उसका शांति भंग में चालान कर दिया।
महिला कहां सिपाही तैनात है, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है।महिला को अपना पीएनओ नंबर तक नहीं पता था।लेखपाल की शिकायत पर कार्रवाई हुई है।महिला पुलिस में तैनात होती तो वह अधिकारियों से आकर अपनी बात कहती, उसने ऐसा नहीं किया। -रजनीश उपाध्याय, सीओ सिटी
रिपोर्ट-जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

