अल्मोड़ा (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने अल्मोड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा और भावुक बयान दिया है। सीएम धामी ने जहां एक तरफ किसानों को समाज का ‘असली नायक’ करार दिया, वहीं दूसरी तरफ खेतों में लगातार बढ़ रहे रासायनिक खादों के उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रसायनों के इस्तेमाल से आज ‘हमारी धरती रो रही है।’
‘अन्नदाता है समाज और राष्ट्र का असली हीरो’
अल्मोड़ा में उपस्थित जनसमूह और किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारे किसान भाई चिलचिलाती धूप, कड़ाके की ठंड और मूसलाधार बारिश में पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरते हैं। उन्होंने कहा, “अन्नदाता (किसान) ही सही मायने में हमारे समाज और राष्ट्र के असली हीरो (Real Heroes) हैं। राज्य सरकार किसानों के उत्थान, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए निरंतर संकल्पित होकर कार्य कर रही है।”
‘धरती हमारी मां है, लेकिन बिगड़ रही मिट्टी की सेहत’
अपने संबोधन के दौरान सीएम धामी कृषि में बढ़ रहे रासायनिक खादों और खतरनाक कीटनाशकों (Chemical Fertilizers & Pesticides) के अंधाधुंध प्रयोग को लेकर बेहद चिंतित नजर आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “धरती हमारी मां है, जो हमारा पालन-पोषण करती है। लेकिन अधिक पैदावार और लालच के चक्कर में हम इतने रसायनों का इस्तेमाल कर रहे हैं कि आज मिट्टी की सेहत लगातार बिगड़ रही है और हमारी धरती ‘रो’ रही है।”
प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की पुरजोर अपील
मुख्यमंत्री ने सभी किसानों और आम जनमानस से धरती मां को बचाने और वापस अपनी जड़ों की तरफ लौटने की अपील की।
- सीएम धामी ने प्राकृतिक और जैविक खेती (Organic/Natural Farming) को बड़े पैमाने पर अपनाने पर जोर दिया।
- उन्होंने आगाह किया कि यदि हमने मिट्टी की सेहत को सुधारने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए न तो उपजाऊ जमीन बचेगी और न ही शुद्ध पर्यावरण।
- सरकार की तरफ से भी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की बात कही गई, ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता को प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सके।

