चंडीगढ़। हरियाणा के Chief Minister Saini ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि 26 और 27 जुलाई को आयोजित होने वाली सीईटी परीक्षा के मद्देनज़र सभी संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की जानकारी समय रहते गृह विभाग को प्रेषित करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा निलंबित करने की प्रक्रिया पूरी की जा सके और परीक्षा को पूर्णतः शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न करवाया जा सके।
राज्य सरकार विकास परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध : Chief Minister Saini
Chief Minister Saini आज यहां सीईटी परीक्षा की तैयारियों को लेकर बुलाई गई बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।
Chief Minister Saini ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा पहली बार इतने बड़े स्तर पर सीईटी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में सभी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को समय पर पूर्ण करें ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Chief Minister Saini ने यह भी निर्देश दिए कि सभी जिलों में प्रश्न पत्र भंडारण स्थल से परीक्षा केंद्र तक उसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता एवं सुरक्षा बनी रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास कोई भी असामाजिक तत्व सक्रिय न रहे।
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भी सतर्क निगरानी रखी जाए ताकि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा से संबंधित किसी प्रकार की अफवाह फैलाने का प्रयास करे तो उसे समय रहते रोका जा सके और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित न हों।
तीज पर्व के मद्देनजर आमजन की सुविधा हेतु पर्याप्त बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए – Chief Minister Saini
उन्होंने कहा कि सीईटी परीक्षा के दौरान जहां बसों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है, वहीं आगामी तीज पर्व को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग यह भी सुनिश्चित करे कि आमजन की आवाजाही के लिए भी पर्याप्त बसों की व्यवस्था रहे, जिससे प्रदेशवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे 26 और 27 जुलाई को आयोजित सीईटी परीक्षा के दोनों दिनों में अपनी सुविधा को ध्यान में रखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें ताकि परीक्षार्थियों को निर्बाध यातायात व्यवस्था मिल सके।

