मुंबई: हिंदी सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी (Pahlaj Nihalani) का निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है और उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
लिवर सिरोसिस से लड़ रहे थे जंग प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहलाज निहलानी पिछले कई वर्षों से लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लगातार इलाज के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार वह जिंदगी की यह जंग हार गए।
गोविंदा और चंकी पांडे को किया था लॉन्च एक सफल फिल्म निर्माता के तौर पर पहलाज निहलानी का करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने 1982 में आई फिल्म ‘हथकड़ी’ से अपने फिल्म निर्माण के सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद 1985 में उन्होंने ‘आंधी-तूफान’ बनाई। निहलानी को बॉलीवुड में नए टैलेंट को मौका देने के लिए भी जाना जाता था:
1986 में उन्होंने फिल्म ‘इल्जाम’ बनाई, जिससे अभिनेता गोविंदा ने बॉलीवुड में अपना शानदार डेब्यू किया। गोविंदा के करियर की शुरुआती सफलताओं में निहलानी का सबसे बड़ा हाथ माना जाता है।
इसके अगले ही साल 1987 में उन्होंने ‘आग ही आग’ के जरिए अभिनेता चंकी पांडे को हिंदी सिनेमा में लॉन्च किया।
इसके बाद निहलानी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और दर्शकों को ‘आँखें’, ‘शोला और शबनम’, ‘अंदाज’, ‘तलाश’, ‘रंगीला राजा’ और ‘जूली 2’ जैसी कई बेहतरीन और हिट फिल्में दीं।
सेंसर बोर्ड के ‘सख्त’ अध्यक्ष और विवाद फिल्म निर्माण के अलावा, पहलाज निहलानी 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) के अध्यक्ष भी रहे। अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल को उनके बेहद सख्त रवैये और विवादित फैसलों के लिए याद किया जाता है।
उड़ता पंजाब: शाहिद कपूर और आलिया भट्ट की कल्ट फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने 89 सीन्स काटने का आदेश दिया था, जिस पर भारी हंगामा हुआ था।
लिपस्टिक अंडर माय बुर्खा: इस महिला केंद्रित फिल्म को उन्होंने बैन कर दिया था, जिसे बाद में कुछ सीन्स (किसिंग सीन) हटाकर ही रिलीज की अनुमति मिल पाई थी।
उनके कार्यकाल के दौरान रचनात्मक स्वतंत्रता, फिल्मों में कट और सेंसर बोर्ड की भूमिका को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और आम लोगों के बीच बड़ी बहस छिड़ गई थी। एक कड़क प्रशासक और बेहतरीन निर्माता के तौर पर पहलाज निहलानी को भारतीय सिनेमा हमेशा याद रखेगा।

