Uttarakhand News : देहरादून/स्टेट डेस्क: उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने और देवभूमि में मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रूप से लगाम कसने के लिए राज्य सरकार अब सीधे एक्शन मोड में आ गई है। सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय ‘नेशनल कोर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट’ (NCORD) की 11वीं अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए।
15 दिन के भीतर मांगा एक साल का ‘रोडमैप’
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस अधीक्षकों (SSPs) से जनपदों में नशे की वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर मादक पदार्थों के खिलाफ अगले एक वर्ष का राज्य और जनपद स्तरीय ‘रोडमैप’ तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
सभी संबंधित विभाग ‘एनफोर्समेंट और रिहेबिलिटेशन’ (प्रवर्तन और पुनर्वास) को लेकर अपना रोडमैप अगले 15 दिनों में सचिव (गृह) को उपलब्ध कराएंगे।
ड्रग्स की ‘सप्लाई चेन’ तोड़ने पर विशेष फोकस
बैठक में ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा:
मादक पदार्थों से जुड़े सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
व्यवसायिक मात्रा (Commercial Quantity) में पकड़े गए नशीले पदार्थों के मामलों को पूरी गंभीरता से लेते हुए इनका लगातार फॉलोअप किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को जड़ से उखाड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।
स्कूली बच्चों को बचाने के लिए बनेंगे ‘एंटी ड्रग क्लब’
युवा पीढ़ी और स्कूली बच्चों को नशे के जाल से बचाने के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं:
प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में ‘एंटी ड्रग क्लब’ बनाए जाएंगे।
स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, तम्बाकू और सिगरेट आदि की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
प्रदेश में मादक पदार्थों के उपयोग की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक विस्तृत ‘सर्वे’ भी कराया जाएगा।
प्राइवेट नशामुक्ति केंद्रों पर कसेगा शिकंजा
नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे प्राइवेट डी-एडिक्शन सेंटर्स (De-addiction Centers) की भी अब खैर नहीं है।
मुख्य सचिव ने इन प्राइवेट केंद्रों की लगातार सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्य के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में विशेष रूप से ‘ड्रग इंस्पेक्टर’ नियुक्त किए जाएंगे।
इसके साथ ही, राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों (सरकारी अस्पतालों) में भी कुछ बेड नशामुक्ति (डी-एडिक्शन) के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
बैठक में डीजी इंटेलीजेंस श्री अभिनव कुमार, सचिव श्री शैलेश बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भारणे, अपर सचिव गृह श्रीमती निवेदिता कुकरेती, एसएसपी एसटीएफ श्री अजय सिंह सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

