मुरादाबाद/कुंदरकी। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। छोटे बच्चों को घर में अकेला या बिना निगरानी के छोड़ना कितना घातक हो सकता है, यह घटना उसका जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण है। यहां जयंतीपुर इलाके में रविवार सुबह खेलते-खेलते एक साल की मासूम बच्ची पानी से भरी बाल्टी में गिर गई, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं।
खेलते-खेलते बाथरूम में पहुंच गई थी मासूम जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद जिले के कुंदरकी नगर स्थित मोहल्ला कायस्थान निवासी नदीम की पत्नी गुलिस्ता चार दिन पहले अपने बच्चों के साथ जयंतीपुर (मुरादाबाद) स्थित अपने मायके (ननिहाल) आई थीं। रविवार सुबह करीब 9 बजे उनकी एक वर्षीय मासूम बेटी ‘आयत’ घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक बाथरूम की तरफ चली गई, जहां एक छोटी बाल्टी में पानी भरा हुआ था।
मुंह के बल गिरी, छिन गईं सांसें परिजनों के मुताबिक, मासूम आयत बाल्टी के पास खेलते समय अचानक उसमें मुंह के बल गिर गई। बच्ची इतनी छोटी थी कि वह खुद को संभाल नहीं पाई और उसका चेहरा पानी में डूब गया। जब तक परिजनों की नजर उस पर पड़ी और वे उसे बाहर निकालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने से आयत की सांसें थम चुकी थीं। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम और चीख-पुकार मच गई। सूचना पाकर कुंदरकी से ससुराल पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते ननिहाल पहुंच गए।
4 भाई-बहनों में सबसे छोटी और लाडली थी आयत इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। आयत चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसके बड़े भाई अली (5 वर्ष), बहन अनाविया (4 वर्ष) और हीबा (3 वर्ष) की वह सबसे चहेती और लाडली बहन थी। घर की सबसे छोटी रौनक के इस तरह अचानक चले जाने से मां गुलिस्ता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार बेसुध हो रही हैं।
रविवार दोपहर बाद मासूम आयत के शव को मुरादाबाद से उसके पैतृक घर कुंदरकी लाया गया, जहां नम आंखों के साथ स्थानीय कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक (सुपुर्द-ए-खाक) कर दिया गया।

