अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बीच बोले मोहन भागवत, ‘युवाओं को आदेश नहीं, संवाद और अपनापन चाहिए’

On: July 25, 2026 11:58 AM
Follow Us:
mohan-bhagwat
---Advertisement---

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर एवं देश के बाकी हिस्सों में जारी प्रदर्शनों के बीच नई पीढ़ी को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने विश्व मांगल्य सभा द्वारा ‘युगानुकूल मातृत्व’ विषय पर आयोजित प्रबोधन बैठक के समापन सत्र में कहा कि आज के युवाओं का स्वभाव पहले की पीढ़ी से अलग है। भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी हर बात पर सवाल पूछती है, इसलिए उन्हें केवल आदेश देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें हर बात का तर्क समझाना होगा और उनके साथ संवाद करना होगा।

‘डिक्टेशन नहीं, डिस्कशन की जरूरत’
बता दें कि उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर GenZ में नाराजगी देखने को मिल रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई शहरों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। नई पीढ़ी का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि पहले के समय में माता-पिता की बात बिना किसी सवाल के मान ली जाती थी। उन्होंने कहा,

‘जब हम छोटे थे तो माता-पिता जो कहते थे, वही अंतिम होता था। कोई बहस नहीं होती थी। श्रद्धा थी और प्रतिक्रिया भी नहीं होती थी। लेकिन अब समय बदल गया है। नई पीढ़ी सवाल पूछती है और उन्हें हर बात का तर्क बताना पड़ता है।’

भागवत ने कहा कि आज का माहौल भौतिक साधनों और प्रचार से काफी प्रभावित है। ऐसे में युवाओं को भ्रम और गलत सूचनाओं से बाहर निकालने की जरूरत है।

‘नई पीढ़ी को बहुत अपनापन देने की जरूरत’
भागवत ने कहा, ‘नई पीढ़ी को बहुत अपनापन देने की जरूरत है, उन्हें समय देने की जरूरत है और सबसे ज्यादा संवाद की जरूरत है। आज डिक्टेशन नहीं, डिस्कशन की जरूरत है। ऑर्डर नहीं, कॉन्शसनेस (जागरूकता) की जरूरत है।’ RSS प्रमुख ने कहा कि आज परिवारों में आपसी बातचीत पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। उनका मानना है कि बच्चों और युवाओं के साथ नियमित संवाद ही उन्हें सही दिशा दे सकता है। भागवत ने कहा कि केवल आदेश देने से बात नहीं बनेगी, बल्कि परिवार और समाज को युवाओं के साथ समय बिताना होगा और उनकी बात भी सुननी होगी।

‘नई पीढ़ी भटकी नहीं, उसे सही उदाहरण चाहिए’
एक सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी को लेकर यह धारणा सही नहीं है कि वह पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने कहा,

‘अगर समाज में लोग अपने जीवन से अच्छे और प्रमाणिक उदाहरण पेश करेंगे, तो उसका असर नई पीढ़ी पर जरूर पड़ेगा। नई पीढ़ी को सही आदर्श नहीं मिलते। जहां उन्हें अच्छे और सच्चे उदाहरण मिलते हैं, वहां वे समाज के लिए अपना जीवन तक समर्पित कर देते हैं।’

भागवत ने कहा कि समाज में सकारात्मक सोच और सार्थक जीवन का उदाहरण नई पीढ़ी के सामने रखा जाना चाहिए। इससे युवाओं की सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा और वे समाज के हित में आगे बढ़ेंगे। बता दें कि फिलहाल जंतर मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने वहां 18 डीसीपी तैनात करने का फैसला किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply