बदमाशों को भेजें जेल, महिला उत्पीड़न पर लगाएं लगाम, डीआईजी ने पुलिस कप्तानों को दिए निर्देश
डीआईजी ने मंडलीय अपराध समीक्षा करते हुए चारों जिलों के पुलिस अफसरों को अपराध नियंत्रण,कानून व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए।कहा कि बदमाशों को जेल भेजा जाए। महिला उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करें।

डीआईजी ने चारों जिलों से संबंधित आपराधिक मामलों, माफियाओं पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया।कहा कि पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाएं। डीआईजी ने गुंडा अधिनियम, गोवध निवारण अधिनियम, सशस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर के तहत कार्रवाई,महिला उत्पीड़न, थानों में मौजूद माल व वाहनों के निस्तारण की स्थिति,थानों के निरीक्षण व अर्दली रूम की समीक्षा की।
इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस फीडिंग की स्थिति, ब्लैक स्पॉट के चिह्नीकरण,सड़क दुर्घटनाओं के संख्यात्मक आंकड़ों की समीक्षा की।हत्या-लूट, स्नेचिंग, नकबजनी, वाहन चोरी, फिरौती, डकैती, दुष्कर्म, दहेज हत्या, पॉक्सो एक्ट, अपहरण, एनडीपीएस, धर्मांतरण व सांप्रदायिक संघर्ष के अभियोगों की स्थिति जानी। इस दौरान बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
रिपोर्ट – जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

