New Petrol :मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने से कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा आई। कच्चे तेल की कमी के कारण भारत सरकार और देशवासियों ने काफी परेशानी उठाई है, इसलिए केंद्र सरकार ने कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने का फैसला किया है।
केंद्र सरकार का फैसला है कि अब देश में इथेनॉल युक्त पेट्रोल का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल बनाया जाएगा। अभी देश में E20 पेट्रोल बिकता है, लेकिन ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) ने E22 से E30 तक के एथेनॉल युक्त के लिए स्टैंडर्ड नोटिफाई कर दिए हैं।
पेट्रोल में 30 प्रतिशत इथेनॉल मिक्स होगा
E20 का मतलब पेट्रोल में 20% इथेनॉल, E25 का मतलब 25% इथेनॉल और E30 का मतलब 30% इथेनॉल है, यानी E30 फ्यूल का मतबल है, वह पेट्रोल जिसमें 30% इथेनॉल और 70% पेट्रोल या गैसोलीन का मिक्सचर होगा। सरकार E30 पेट्रोल का टारगेट एक साथ नहीं बल्कि कई फेज में पूरा करेगी।
इथेनॉल युक्त पेट्रोल से होने वाले फायदे
केंद्र सरकार का मानना है कि इथेनॉल युक्त पेट्रोल से कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी। कार्बन-डाई-ऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जिससे पर्यावरण को फायदा होगा। ऑटोमोबाइल कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल के लिए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की जरूरत पड़ेगी।
इथेनॉल को अब चावल से बनाया जाएगा
बता दें कि केंद्र सरकार इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्चे माल के रूप में चावल का इस्तेमाल भी करेगी। अब तक इथेनॉल गन्ने के गुड़ या शीरे से बनता था, लेकिन अब मक्का, टूटे हुए चावल और अन्य अनाजों से भी इथेनॉल बनाया जाएगा। इसके लिए डिस्टिलरी की क्षमता का विस्तार करने की योजना है।
इथेनॉल के लिए क्या है सरकार की तैयारी?
इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोजेक्ट के लिए नीति आयोग की विशेषज्ञ समिति ने रोडमैप फॉर इथेनॉल ब्लेंडिंग इन इंडिया 2020-25 रिपोर्ट जारी की थी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर E20 पेट्रोल के लक्ष्य को साल 2030 से पहले हासिल करने का फैसला किया। 2025-26 के बाद E21 से E25 और E30 पेट्रोल का भविष्य तैयार करने का लक्ष्य तय किया।

