एससी-एसटी और महिला उद्यमियों के लिए विशेष नीति पर चर्चा कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके तहत केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी विभागों और सीपीएसई (CPSEs) के लिए कुल खरीद का 4% अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के स्वामित्व वाले एमएसएमई से और 3% महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले एमएसएमई से खरीदना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को व्यापार के मुख्यधारा से जोड़ना है।
100 से अधिक उद्यमियों ने लिया हिस्सा, सीखे व्यापार बढ़ाने के गुर इस कार्यक्रम में सम्भल और इसके आसपास के क्षेत्रों से 100 से अधिक मौजूदा और इच्छुक उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तकनीकी सत्रों के दौरान उन्हें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं:
नए उद्यमियों के लिए: अपने बिजनेस को औपचारिक रूप देने और सरकारी पहचान दिलाने के लिए ‘उद्यम पोर्टल’ पर पंजीकरण के महत्व और उसकी प्रक्रिया को समझाया गया।
मौजूदा उद्यमियों के लिए: वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, सीपीएसई द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं की सूची, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया, बैंक ऋण की आसान सुविधाएं और व्यापार विस्तार के लिए उपलब्ध सरकारी सब्सिडी के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डीआईसी प्रभारी श्री आशीष शुक्ला, एनपीआईसीएल नरोरा से जितेंद्र कुमार व कपिल कुमार, और एमएसएमई के डीएफओ जितेंद्र कुमार यादव प्रमुख रूप से शामिल थे।
इनके अलावा एनएसएसएचओ आगरा शाखा से ए.के. श्रीवास्तव, राहुल बिंदुसार, सीए बसु अग्रवाल, चंदा किरण, शिखा सैनी, शिखा रानी, हेमलता सिंह और ललिता सिंह ने भी सत्र को संबोधित किया। तकनीकी सत्रों में विभिन्न बैंकों, सीपीएसई और जेम (GeM) पोर्टल के प्रतिनिधियों ने उद्यमियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस पूरे सफल आयोजन का प्रबंधन ‘द गंगा इवेंट मैनेजमेंट कंपनी’ द्वारा किया गया।

