सुलतानपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486 वीं जयंती रविवार को सनातन अखाड़ा के कलेक्ट्रेट सामने स्थित कैंप कार्यालय पर श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के त्याग, शौर्य और मातृभूमि रक्षा के संकल्प को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र गौरव का प्रतीक बताया।मुख्य वक्ता डॉ एमपी सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष की अमर गाथा है। उन्होंने कहा महाराणा ने घास की रोटी खा ली, लेकिन मातृभूमि का सम्मान कभु झुकने नहीं दिया कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वरिष्ठ जनों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। सनातन अखाड़ा अध्यक्ष रमेश उपाध्याय ने उपस्थित लोगों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, गिरीश नारायण सिंह, डॉ सीताशरण त्रिपाठी,जगजीत सिंह छंगू,एमपी त्रिपाठी,प्रवीन कुमार अग्रवाल,अजय सिंह लीडर,राकेश पालीवाल,नरेन्द्र सिंह,विजय सिंह रघुवंशी,संजय सोमवंशी,इन्द्रजीत सिंह रुपेश सिंह,दिनेश चौरसिया, विनोद कुमार पांडे,पंकज दूबे, रजनीश मिश्रा,गोविन्द तिवारी टाडा,धनंजय सिंह,विक्रम सिंह,अनिल सिंह,समर बहादुर सिंह,अजय सिंह फौजी,मनीष जायसवाल,जंग बहादुर सिंह देवेन्द्र सिंह,श्याम बहादुर सिंह, विनोद मिश्रा,आत्मजीत सिंह टीटू,बद्री पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

