चंडीगढ़: हरियाणा Human rights commission (HHRC) ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए डॉक्टरों को गैर-चिकित्सकीय कार्यों से मुक्त करने की सिफारिश की है। आयोग का मानना है कि डॉक्टरों का काम केवल मरीजों की देखभाल होना चाहिए, प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ नहीं।
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यह आदेश शिकायत संख्या 393/3/2023 के संदर्भ में सुनवाई के दौरान दिया गया। पूर्ण पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने की, जबकि सदस्य श्री कुलदीप जैन और श्री दीप भाटिया भी शामिल रहे।
Human rights commission ने स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताए गए प्रयासों की सराहना की
Human rights commission ने स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताए गए प्रयासों की सराहना की—जैसे कि:ऑक्सीजन पीएसए प्लांट्स की स्थापना और रखरखाव, सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस सेवाओं का विस्तार, 777 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति।
लेकिन साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रशासनिक कार्यों में लगाना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

