पुलिस और अस्पताल की लापरवाही से छह दिन तक सड़ता रहा मुंशी का शव..
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग एक दूसरे पर लापरवाही का फोड़ रहे हैं ठीकरा
बदायूं। अधिवक्ता के मुंशी की मौत के बाद शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में छह दिन तक सड़ता रहा।शव रखवाकर जिला अस्पताल के चिकित्सक और सदर कोतवाली पुलिस उसे भूल गई। अब उसकी दुर्गंध फैली तो स्वास्थ्य विभाग और पुलिसकर्मी सक्रिय हुए। आनन फानन में उसके परिजनों को बुलाकर पोस्टमार्टम करवाया और शव सौंप दिया गया। इस मामले में अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग एक दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहे हैं।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव रजलामई निवासी हनीफ (60) जिला कचहरी में अधिवक्ता अनीता के मुंशी थे। उनके पांच बेटे गांव में रहते हैं। वह सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मुहल्ला मीरा सराय स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। नौ मई को सड़क किनारे बेहोशी की हालत में हनीफ पुलिस को मिले थे। पुलिस ने उनको अज्ञात में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान हनीफ की पहचान हो गई थी। अस्पताल की ओर से उनके बेटों को इसकी सूचना दी गई। फिर भी बेटे उसे देखने नहीं आए। बेटे ने बताया कि वह शराब अधिक पीते थे इसलिए घरवालों से दूर ही रहते थे।अस्पताल में उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
11 जून को हनीफ की इलाज के दौरान मौत हो गई। इमरजेंसी वार्ड के डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने पीआई (मेमो) के जरिए सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। लेकिन कोतवाली पुलिस ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने परिजनों को न तो इसकी सूचना दी और न ही पोस्टमार्टम करवाया। इसलिए छह दिन तक शव मोर्चरी में ही रखा रहा और सड़ने लगा।
सोमवार को मोर्चरी में एक शव रखा जाना था। जब सफाई कर्मचारी शव लेकर मोर्चरी में पहुंचे तो वहां सड़ रहा शव देखकर सीएमओ डाॅ. रामेश्वर मिश्रा को सूचना दी। थोड़ी देर बाद सीएमएस डाॅ. कप्तान सिंह मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की पीआई व भर्ती रजिस्टर की जांच की।उसमें कोतवाली पुलिस के लिए मेमो लिखा मिला। उन्होंने इसकी जानकारी फिर से कोतवाली पुलिस को दी तो पोस्टमार्टम करवाया। साथ ही परिजनों को बताया गया। उसके बाद अधिवक्ता अनीता व मुंशी के बेटे पोस्टमाॅर्टम हाउस पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उन्हें सुपुर्द कर दिया है।
बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हुई है। 11 जून को ही कोतवाली पुलिस को बुजुर्ग के मृत होने का मेमो भेजा गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही परिजनों को भी सूचना नहीं दी थी। – डा. कप्तान सिंह, सीएमएस
कोतवाली पुलिस को मेमो मिला तो पोस्टमॉर्टम क्यों नहीं कराया गया है, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस तरह की लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
रिपोर्ट-जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

