जिले में रेस्टोरेंट और ढाबों पर खुलेआम धधक रहे है घरेलू गैस सिलेंडर…विभागीय अधिकारी हुए मौंंन
बदायूं।होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में व्यवसायिक गैस सिलेंडर का प्रयोग होना चाहिए लेकिन ऐसा है नहीं है।शहर के अधिकांश रेस्टोरेंट और ढाबों में इस समय खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का प्रयोग हो रहा है।इसके अलावा ढाबों, रेस्टोरेंटों पर साफ-सफाई का भी पूर्णतया अभाव दिखा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है निर्धारित नियमों को किस हद तक अनदेखी की जा रही है।इस लापरवाही के बाद भी विभागीय अधिकारियों की नजर में सब कुछ ओके है।आपको बताते चलें कि शहर में लगभग 25 से 30 रेस्टोरंट, 25 से 30 ढाबा और लगभग 200 चाय पकौड़ी की दुकानें हैं।

इसके अलावा 10 से 12 सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों में कैंटीन संचालित हो रहे हैं। इन स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडर के प्रयोग की बात हो या फिर सफाई और खाद्य सामग्रियों की जांच हो सभी मामलों में विभागीय अफसर उदसीन बने हुए हैं। होटलों की जांच से परहेज करते हैं अधिकारी होटल, ढांवों, में सिलेंडर के उपयोग,साफ-सफाई की बात हो या फिर खाद्य सामग्री की जांच यह कभी कभार ही देखने को मिलती है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से कारोबारियों के भीतर से डर खत्म हो गया है। बड़े बड़े रेस्टोरेंटों की बात करें या छोटी छोटी टपरियों की धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है।विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही कारोबारी व्यवसायिक सिलेंडरों का उपयोग करना नहीं चाहते हैं।घरेलू गैस का उपयोग होने के कारण गैस की कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हैं। होटलों में गैस का उपयोग ज्यादा होने के कारण आम उपभोक्ताओं को गैस का सिलेंडर समय पर भी नहीं मिल पा रहे है।
रिपोर्ट – जयकिशन सैनी (समर इंडिया)
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