पुल हादसा: मुख्यमंत्री तक जाएगी फाइल,पीडब्ल्यूडी के पांच इंजीनियरों पर हो सकती है कार्रवाई
एफआईआर से बौखलाए अभियंता,”हमारी बात क्यों नहीं सुनी
बदायूँ। बरेली-बदायूं जिले की सीमा पर बने अधूरे पुल से कार गिरने पर तीन लोगों की मौत के मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। घटना की जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक जाएगी। इसके बाद ही विभागीय जांच और कार्रवाई होगी। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने प्रांतीय खंड बदायूं के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, सहायक अभियंता मोहम्मद आरिफ व अभिषेक कुमार,अवर अभियंता अजय गंगवार और महाराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ जांच रिपोर्ट प्रमुख अभियंता को भेज दी है। अप्रोच रोड बहने के बाद भी आवागमन बाधित करने के लिए प्रभावी अवरोधक न लगाए जाने के लिए अभियंताओं को जिम्मेदार माना गया गया है। इस मामले में शासन स्तर से कार्रवाई होनी है।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ उप्र की बरेली और बदायूं इकाई के अभियंता उन चार अभियंताओं का पक्ष लेकर मुख्य अभियंता से मिले, जिन पर प्रशासन ने एफआईआर कराई है।उन्होंने कहा कि जो काम रनिंग में है, उसके लिए जेई व एई को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? जवाबदेही तय करने से पहले स्पष्टीकरण मांगना चाहिए था? प्रतिनिधिमंडल में संघ के जिलाध्यक्ष देवदत्त पचौरी, संरक्षक एके शर्मा और दोषी ठहराए गए अभियंता भी शामिल रहे।
अधूरे पुल से गिरी थी कार:-दातागंज से बरेली के फरीदपुर जाने वाले मार्ग पर मुड़ा गांव के पास में पुल बना हुआ है। सितंबर 2023 में बाढ़ आने पर फरीदपुर की ओर पुल का एप्रोच रोड वह गया था, तभी से इस पुल पर आवागमन बंद चल रहा था, लेकिन अधूर पुल पर जाने के लिए कोई अवरोधक व संकेतक नहीं लगाए गए थे।
दूसरी ओर गूगल मैप पर इस रास्ते को सही दिखाया जा रहा था। इसकी वजह से रविवार तड़के कार सवार तीन लोग हादसे का शिकार हो गए। वह गूगल मैप के सहारे आगे चलते चले गए और पुल खत्म होते ही उनकी कार 20 फुट नीचे जा गिरी, जिससे तीनों लोगों की मौत हो गई थी।
