Badaun News: दोहरा हत्याकांड, पुलिस संग ‘कातिल’ अजय ने प्रशासन में भी बना रखी थी गहरी पैठ, दो अफसरों की हत्या के मामले में एक और खुलासा
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों के हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह की स्थानीय पुलिस के साथ ही तहसील प्रशासन में भी गहरी पैठ थी। इन बातों का खुलासा इसके सामने आए साम्राज्य से हो चुका है। सरकारी जमीन पर मकान व दुकानों का निर्माण, ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा, जमीनों की खरीद-फरोख्त से लेकर सरकारी आवास का भी लाभ आरोपी ने खुद अपनी पत्नी के नाम ले रखा था। इन सब का खुलासा होने के बाद अभी तक प्रशासनिक स्तर पर किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना भी चर्चा का विषय बन रहा है।

सील 26 दुकानों को ध्वस्त करने पर चल रहा विचार:-
अवैध बाजार से वसूली में नहीं दर्ज हुआ केस:-इस मामले में अभी तक प्रशासनिक स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। यदि किसी की भूमिका संदिग्ध मिलेगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। – अवनीश राय, डीएम
टावर के ट्रांसफार्मर से कटिया डालकर चोरी की बिजली से रोशन था आरोपी अजय के ताऊ का घर:-एचपीसीएल कांड से जुड़े हत्यारोपी के परिवार पर प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव निवासी आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया है।मंगलवार को जेई सुनील कुमार पाल के नेतृत्व में टीम ने विधुत चेकिंग अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि एक कंपनी के मोबाइल टावर के ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी की जा रही थी। टीम ने मौके पर करीब 814 वाट लोड का अवैध उपयोग पाया।इस पर जेई की तहरीर पर थाना एंटी पावर थेफ्ट थाने में राकेश सिंह के खिलाफ विधुत चोरी का केस बुधवार देर रात दर्ज किया गया है।थाना प्रभारी संत राम वर्मा ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।और आरोपी को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
10 एसी, 15 पंखे समेत भारी लोड पकड़ा, कनेक्शन से छह गुना अधिक खपत:-छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। राकेश सिंह के घर में 10 एसी, 15 पंखे समेत कई विद्युत उपकरण संचालित पाए गए।जबकि वहां मात्र एक किलोवाट का ही अधिकृत कनेक्शन था। इस तरह वास्तविक उपयोग अनुमत लोड से करीब छह गुना अधिक पाया गया।
यह था पूरा मामला:-घटना 12 मार्च को दोपहर के समय हुई थी, जब ग्राम सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में अजय प्रताप सिंह ने प्लांट प्रबंधक सुधीर गुप्ता (58) और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) को गोली मार दी थी।दोनों गंभीर रूप से घायल अधिकारियों को तत्काल सीएचसी दातागंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।इस घटना के बाद प्लांट कर्मचारी जीशान अंसारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।पूछताछ में आरोपी अजय प्रताप सिंह ने खुलासा किया कि वह एचपीसीएल प्लांट में वेंडर के रूप में काम करता था।प्रबंधक सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा द्धारा उसे नौकरी से निकाले जाने और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने से वह रंजिश रखता था।इसी रंजिश के चलते उसने दो तमंचे लेकर प्लांट में घुसकर दोनों अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हत्या में प्रयुक्त तमंचे उसने ग्राम मुडसैना के जंगल में छिपा दिए थे। 13 मार्च को पुलिस आरोपी को लेकर तमंचा बरामद करने के लिए मुडसैना के जंगल पहुंची। इसी दौरान आरोपी ने छिपाए गए तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।वहीं,आरोपी की फायरिंग में सिपाही ओमबीर सिंह के बाएं हाथ में भी गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने घायल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

