हजारों की भीड़, कड़ी सुरक्षा
रविवार 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने महारैली की। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। रैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, के.सी. वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खरगे समेत गठबंधन के शीर्ष नेता शामिल हुए। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए और दिल्ली के कई जिलों में धारा 163 लागू रही।
तीन मांगें
विपक्ष की तीन मुख्य मांगें हैं — CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने दावा किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं, जबकि निर्वाचन आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य डुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं को हटाना है। राहुल गांधी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लोकतंत्र पर हमला बताया।
भाजपा का जवाब
वहीं भाजपा ने रैली के समय को 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जोड़कर कांग्रेस पर निशाना साधा। यह प्रदर्शन CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे लगभग रोजाना के विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में नवीनतम है।
राष्ट्रीय मुद्दों पर मणिपुर में हुई रैली और राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन भी चर्चा में रहे हैं।

