इंफाल में विशाल रैली
मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय संघर्ष के बीच 31 अक्टूबर 2026 को इंफाल में बड़ी रैली निकाली गई। Coordinating Committee on Manipur Integrity (COCOMI) के नेतृत्व में निकली इस रैली में मैतेई और नागा समुदायों के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। रैली की शुरुआत क्वाकेथेल के तिद्दिम ग्राउंड से हुई और थाउ ग्राउंड में सार्वजनिक सभा के साथ समाप्त हुई। इसे मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद की सबसे बड़ी सभाओं में से एक माना जा रहा है।
छह सूत्रीय मांगें
सभा में छह सूत्रीय प्रस्ताव अपनाए गए, जिनमें केंद्र सरकार से कुकी-जो सशस्त्र समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को आगे न बढ़ाने की मांग प्रमुख रही। यह समझौता सितंबर में समाप्त हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित शिविरों को खत्म करने, हथियार जब्त करने, असम राइफल्स को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से हटाने, 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC लागू करने और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग भी उठाई। विस्थापित परिवारों की सुरक्षित घर वापसी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
गोलीबारी में तीन की मौत
इसी बीच नोने जिले के केकरू नागा गांव में शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई गोलीबारी में तीन कुकी युवकों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार 29 अक्टूबर से ही इलाके में छिटपुट गोलीबारी हो रही थी। कुकी संगठन KIM ने हमले का आरोप NSCN-IM और ZUF-K पर लगाया है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इम्फाल के साथ सेनापति और चंदेल में भी प्रदर्शन हुए।
COCOMI के पूर्व संयोजक खुराइजाम अथौबा ने सभा में कहा कि जब तक केंद्र उनकी चिंताओं पर ध्यान देकर राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कथित प्रॉक्सी वॉर रोकने और नार्को-टेररिज्म से जुड़े समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। केंद्र और राज्य सरकार का रुख अभी स्पष्ट होना बाकी है। राष्ट्रीय एकता से जुड़े ऐसे आयोजनों के बीच मणिपुर की स्थिति पर देशभर की नजर है, जबकि एकता नगर परेड में राष्ट्रीय अखंडता का संदेश दिया गया था।

