केदारताल क्षेत्र में लापता दल
उत्तरकाशी जिले के केदारताल क्षेत्र में सात ट्रेकर्स और एक गाइड लापता हो गए हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने रविवार 1 नवंबर को इन्हें खोजने के लिए जमीनी और हवाई दोनों स्तरों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। लापता ट्रेकर्स का दल केदारताल ट्रेक पर गया था, जो उत्तरकाशी का एक चुनौतीपूर्ण उच्च हिमालयी ट्रेक रूट है।
माउंटेनियरिंग टीम तैनात
SDRF कमांडेंट अर्पण यादवंशी के निर्देश पर लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष माउंटेनियरिंग टीम तैनात की गई है। हवाई सर्वेक्षण के दौरान लापता ट्रेकर्स या उनके टेंट का कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखा है। सर्च ऑपरेशन में SDRF की टीमें कठिन बर्फीले इलाके में पैदल अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक आगे की जांच और तलाश जारी है।
ठंड और बर्फ से बढ़ी चिंता
केदारताल समुद्र तल से करीब 4,750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां नवंबर में तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो रही है, जिससे लापता ट्रेकर्स को लेकर चिंता बढ़ गई है। ठंडे मौसम में रात बिताना बेहद खतरनाक हो सकता है, इसलिए सर्च टीमों को तेजी से काम करने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 2 नवंबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, जो सर्च ऑपरेशन में मददगार साबित हो सकता है।
ट्रेकिंग सीजन में सतर्कता जरूरी
उत्तरकाशी में केदारताल, गौमुख-तपोवन और दयारा बुग्याल जैसे ट्रेक हर साल हजारों ट्रेकर्स को आकर्षित करते हैं। नवंबर में मौसम तेजी से बदलता है और बर्फबारी के बाद रास्ते खतरनाक हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेकर्स को मौसम की जानकारी, पर्याप्त गर्म कपड़े और गाइड के बिना ऊंचे ट्रेक पर नहीं जाना चाहिए। प्रशासन ने भी ट्रेकिंग एजेंसियों से मौसम की एडवाइजरी का पालन करने को कहा है।
प्रशासन अलर्ट पर
इस बीच केदारनाथ में हुई बर्फबारी के बाद धामों की यात्रा पर भी नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड का मौसम पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बदल रहा है, इसलिए प्रशासन ने ट्रेकर्स और तीर्थयात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

