12 किलोमीटर पैदल ढोए गए शव
चमोली जिले के जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के शव रविवार 1 नवंबर की सुबह बरामद कर AIIMS ऋषिकेश एयरलिफ्ट कर दिए गए। हादसे वाली जगह बेहद दुर्गम ऊंचाई पर थी। भारतीय सेना, ITBP, SDRF, NDRF, जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों ने पांडुकेश्वर की ओर से कठिन पहाड़ी रास्तों से ट्रेकिंग कर देर शाम हादसास्थल पर पहुंचा।
एयरलिफ्ट से ऋषिकेश पहुंचे
बचाव टीमों ने शवों को करीब 12 किलोमीटर पैदल ढोकर नजदीकी सड़क तक पहुंचाया, जहां से हेलिकॉप्टर से AIIMS ऋषिकेश ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। कर्नाटक के सांसद श्रेष्ठ पटेल ने बताया कि मृतकों में एक उनके रिश्तेदार भी थे, जो बदरीनाथ यात्रा पर आए थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को ही शवों को वापस लाने की पूरी व्यवस्था का आश्वासन दिया था।
कौन थे मृतक
हादसे में पायलट कैप्टन हिमांशु सबरवाल और कर्नाटक के पांच यात्रियों की मौत हुई थी। यात्रियों में बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण सोलंकी, तुमकुरु के व्यवसायी एच.एस. नटराज, हासन-बेंगलुरु के ठेकेदार प्रतापा बचिहल्ली निंगराजू और बेंगलुरु के वकील सुधीर के. व शंकर गौड़ा वी.बी. शामिल थे। सभी मृतक कर्नाटक के निवासी थे। ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर (VT-HCX) 30 अक्टूबर को दोपहर 1:12 बजे बदरीनाथ से रवाना हुआ था और 1:14 बजे जोशीमठ के पास इसका रडार संपर्क टूट गया था।
जांच और नए नियम
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की DGCA टीम देहरादून में प्रारंभिक जांच कर रही है, जबकि AAIB की विस्तृत जांच चल रही है। मुख्यमंत्री धामी ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच UCADA ने चारधाम चार्टर उड़ानों में को-पायलट अनिवार्य करने का फैसला लिया है, जो 2 नवंबर से लागू होगा। हादसे की प्रारंभिक जानकारी पहले प्रकाशित हो चुकी है।

