किसानों को सीधा आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 1 नवंबर को चक्रवात से प्रभावित उत्तर प्रदेश के किसानों को नया राहत पैकेज देने का वादा किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से जारी बयान में योगी ने कहा कि बेमौसम बारिश, अत्यधिक वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई डबल इंजन की सरकार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले दिया गया मुआवजा नुकसान के मुकाबले नाकाफी था।
तीन ठोस वादे
घोषणा में तीन ठोस प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। पहला — प्रदेश के सभी जिला प्रशासनों को तत्काल सर्वे कर बिना देरी अंतरिम मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरा — इस मौसमी घटना से फसल नुकसान को कवर करने के लिए एक नया समर्पित राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है। तीसरा — मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से संकेत दिया है कि अंतिम निपटान प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यापक होना चाहिए।
पूर्वी UP में ज्यादा नुकसान
चक्रवात के अवशेषों से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जबकि कई जिलों में ओलावृष्टि से सब्जियों और दलहनी फसलों को भी क्षति हुई है। किसान संगठनों ने पहले भी मुआवजे की रकम बढ़ाने की मांग की थी। अब देखना होगा कि नया पैकेज कब तक तैयार होता है और किसानों तक कितनी जल्दी राहत पहुंचती है।
किसान हित की योजनाओं में धान खरीद 1 नवंबर से शुरू हो चुकी है, जबकि पीएम-किसान की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर को जारी की गई थी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने घोषणा को देर से आया कदम बताया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सर्वे के नाम पर किसानों को चक्कर कटवाए जाते हैं और मुआवजा समय पर नहीं मिलता। सरकार का पक्ष है कि इस बार सर्वे से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रखी जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नया पैकेज बजट में कितनी राशि लेकर आता है।

