PMLA कोर्ट का आदेश
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रविवार 1 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वह 13 नवंबर तक गाजियाबाद की डासना जिला जेल में रहेंगे। ED ने आजम खान को सुबह करीब 10:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निरोधक CBI कोर्ट) अवनीश कुमार पांडेय के सामने पेश किया था।
करीब 90 मिनट चली सुनवाई
सुनवाई करीब 90 मिनट चली। ED की ओर से वकील कुलदीप श्रीवास्तव ने दलीलें दीं, जबकि एजेंसी के उप निदेशक पीयूष थोराट और सहायक निदेशक प्रवीण कुमार कोर्ट में मौजूद रहे। ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग और मनी ट्रेल को लेकर पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
वकील की दलील
आजम खान के वकील दानिश अली ने कहा कि यह 2019 का मामला है और जब वह पहले से हिरासत में थे, तब B-वारंट के जरिए कार्रवाई की जा सकती थी। उन्होंने धारा 19 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। कोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों के सवाल पर आजम खान ने कहा, “अब क्या रह गया है बोलने को।” गौरतलब है कि शनिवार 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने उन्हें हिरासत में लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड मामले में उनकी सजा निलंबित कर जमानत दी थी।
आगे क्या
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, जिसकी ₹426.46 करोड़ की संपत्ति ED ने अटैच की है। रिहाई के तुरंत बाद हुई ED की कार्रवाई के बाद अब एजेंसी की जांच और कानूनी लड़ाई पर सबकी नजर है।

