मुख्यमंत्री का बड़ा दावा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार 1 नवंबर को कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 3.44 लाख से ज्यादा नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयां पंजीकृत हुई हैं, जिनसे 45 लाख रोजगार के अवसर बनने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में MSME क्षेत्र के विस्तार से अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री के मुताबिक MSME इकाइयों के विस्तार से राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार बढ़े हैं। सरकार का दावा है कि पंजीकृत इकाइयों के जरिए छोटे कारोबारों को ऋण और सुविधाएं मिल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजगार के आंकड़े औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों को मिलाकर हैं, इसलिए इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
विरोधी खेमे की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने दावे को अतिशयोक्ति बताते हुए कहा कि पंजीकरण का मतलब रोजगार नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जमीनी स्तर पर औद्योगिक इकाइयों की हालत अभी भी खराब है। सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में निवेश सम्मेलनों के जरिए और निवेश आकर्षित किया जाएगा।
रोजगार के मुद्दे पर यूपी में महिला भागीदारी बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं, जबकि IT कंपनियों को आकर्षित करने की योजनाएं भी सामने आई हैं।

