उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से, केंद्रीय कृषि मंत्री आज विश्व विख्यात गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर पहुंचे। इस खास मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड पर उनका पूरे गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। केंद्रीय कृषि मंत्री का पंतनगर दौरा राज्य के किसानों और समूचे कृषि क्षेत्र के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां से खेती के कई नए मॉडल तैयार किए जाते हैं।
दरअसल, कृषि के क्षेत्र में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान हमेशा से ऐतिहासिक रहा है। बताया जा रहा है कि अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का सघन भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ सीएम धामी और कृषि विभाग के तमाम आला अधिकारी भी मौजूद रहे। दोनों ही शीर्ष नेताओं ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों को लेकर वहां मौजूद वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ लंबी और विस्तृत चर्चा की।
केंद्रीय कृषि मंत्री का पंतनगर दौरा: कृषि संग्रहालय का किया बारीकी से निरीक्षण
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के कृषि संग्रहालय (Agriculture Museum) का भी खास तौर पर रुख किया। असल में, यह संग्रहालय देश की हरित क्रांति से लेकर अब तक की कृषि यात्रा का एक जीवंत गवाह है। उन्होंने वहां रखे गए पुराने और ऐतिहासिक कृषि उपकरणों, बीजों की नई और उन्नत किस्मों तथा खेती की आधुनिक तकनीकों के मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री इस दौरान नई तकनीकों को देखकर काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने वैज्ञानिकों से स्पष्ट कहा कि प्रयोगशालाओं में हो रहे इन अनुसंधानों का सीधा फायदा खेत में पसीना बहा रहे आम किसान तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।
कृषि अनुसंधान और उन्नत तकनीकों पर रहा खास जोर
बताया जा रहा है कि इस अहम दौरे का मुख्य उद्देश्य कृषि अनुसंधान की वर्तमान स्थिति और उसकी प्रगति की जानकारी लेना था। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री को राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और नीतियों से अवगत कराया। वहीं, पंतनगर के वैज्ञानिकों ने भी अपनी नवीनतम रिसर्च, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल तैयार की जा रही फसलों और ऑर्गेनिक फार्मिंग की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का पूरा ब्यौरा पेश किया। बातचीत के दौरान यह बात भी प्रमुखता से निकलकर सामने आई कि कैसे आधुनिक तकनीक के जरिए पहाड़ और मैदान, दोनों ही जगहों के किसानों की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ किया जा सकता है।
उत्तराखंड के किसानों के लिए मील का पत्थर
राजनीतिक और कृषि विश्लेषकों की मानें तो इस दौरे को महज एक औपचारिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के इस साझा विजन से उत्तराखंड में कृषि का ढांचा और अधिक मजबूत होगा। यह दौरा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार कृषि विकास और नई वैज्ञानिक तकनीकों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में पंतनगर विश्वविद्यालय से निकलने वाले नए शोध और उन्नत बीज, राज्य ही नहीं बल्कि देशभर के किसानों की जिंदगी में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आएंगे।

