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PM Awas Yojana Uttarakhand : मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा सपनों का आशियाना, रुद्रपुर में हजारों फ्लैट्स की चाबियां सौंपने की तैयारी

On: June 25, 2026 9:27 PM
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PM Awas Yojana Uttarakhand : हर इंसान का एक ही बड़ा सपना होता है— जीवन में अपना खुद का एक पक्का घर हो। लेकिन बढ़ती महंगाई और प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों के इस दौर में एक आम आदमी के लिए घर खरीदना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक बेहद ठोस और बड़ा कदम उठा रही है। ताजा अपडेट PM Awas Yojana Uttarakhand से जुड़ा है, जिसके तहत ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में हजारों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जल्द ही अपने पक्के मकान की सौगात मिलने वाली है।

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद राज्य में गरीबों को छत मुहैया कराने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसी कड़ी में रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी और जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की देखरेख में चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना से उन परिवारों के चेहरों पर हमेशा के लिए मुस्कान आने वाली है, जो सालों से किराये के मकानों या कच्ची बस्तियों में दिन काटने को मजबूर हैं।

PM Awas Yojana Uttarakhand के तहत कैसे मिलेगी सब्सिडी?

जब भी अपना घर खरीदने की बात आती है, तो सबसे बड़ा सवाल बजट का होता है। असल में, सरकार ने इस पूरी योजना का ढांचा इस तरह से तैयार किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पैसों का बोझ न पड़े। बताया जा रहा है कि इन आधुनिक और सुरक्षित फ्लैटों की कुल लागत करीब छह लाख रुपये है। लेकिन, सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि लाभार्थी को अपनी जेब से केवल तीन लाख रुपये ही चुकाने होंगे। बाकी की बची हुई आधी रकम यानी तीन लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसमें से 1.5 लाख रुपये का वहन भारत सरकार करेगी, जबकि 1.5 लाख रुपये उत्तराखण्ड सरकार अपनी तरफ से देगी।

लोकेशन शानदार, शहर की हर सुविधा होगी आपके करीब

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि गरीबों के लिए बनने वाले सरकारी आवास शहर से काफी दूर बनाए जाते हैं, जिससे लोगों को रोजगार और रोजमर्रा के कामों में खासी परेशानी उठानी पड़ती है। लेकिन बागवाला परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन लोकेशन है। यह आवासीय परिसर शहर के मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों से बमुश्किल 3 किलोमीटर की दूरी पर बसाया गया है। यहां से बस स्टैंड करीब 6 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन महज 8 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इतनी अच्छी कनेक्टिविटी होने के कारण यहां रहने वाले परिवारों को स्कूल, अस्पताल और रोजगार के साधनों तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

832 फ्लैट्स पूरी तरह तैयार, जानिए कैसे होगा आवंटन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 1872 आवासों में से 832 फ्लैट पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 512 अन्य फ्लैटों में फिनिशिंग और रंग-रोगन का काम अंतिम दौर में है। सरकार की योजना है कि बहुत जल्द इस पूरी परियोजना का भव्य लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घर की चाबियां सौंप दी जाएं।

प्रशासन ने फ्लैटों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी रखने का फैसला किया है, ताकि किसी भी तरह की धांधली या भाई-भतीजावाद की गुंजाइश न रहे। इसके लिए पात्र लाभार्थियों का अंतिम चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन और क्या है प्रक्रिया?

अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एमआईएस (MIS) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदक 17 जून 2015 से पहले का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसके परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। एक और अहम शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

महज पांच हजार रुपये की शुरुआती टोकन मनी जमा करके इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। बाकी बची हुई रकम चुकाने के लिए सरकार बैंकों के जरिए आसान किस्तों पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।

कुल मिलाकर, ‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ के ध्येय वाक्य के साथ तैयार हो रही यह परियोजना राज्य के हजारों लोगों के जीवन में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाने जा रही है। जल्द ही सरकार लाभार्थियों को उनके सपनों के आशियाने की चाबी सौंपेगी, जिससे किराये के घरों से उनका बरसों पुराना संघर्ष हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

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