Khandwa Crime News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और रिश्तों की बुनियाद को ही हिलाकर रख दिया है। हमारे समाज में बुआ और फूफा का रिश्ता बेहद सम्मानजनक माना जाता है, लेकिन यहां एक 45 साल के शख्स ने इसी रिश्ते की पवित्रता को तार-तार कर दिया। यह जानकर किसी की भी रूह कांप जाएगी कि इस अधेड़ उम्र के फूफा ने अपनी सगी 15 वर्षीय भतीजी को ही अपनी सनक का शिकार बना लिया। वह उसे बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया और गुपचुप तरीके से उससे शादी भी रचा ली। Khandwa Crime News के इस खौफनाक और शर्मसार कर देने वाले मामले ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है।
दरअसल, जब इस खौफनाक रिश्ते पर कानून का शिकंजा कसने लगा और समाज की नजरों में जलील होने का डर हावी हुआ, तो आरोपी ने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाया जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। पुलिस से बचने की जुगत में रास्ते में ही दोनों ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस दर्दनाक घटनाक्रम में उस मासूम लड़की की इलाज के दौरान तड़प-तड़प कर जान चली गई। वहीं, आरोपी फूफा की हालत फिलहाल अस्पताल में बेहद नाजुक बताई जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि आरोपी कोई युवा नहीं है, बल्कि उसके खुद के बच्चे भी बड़े और शादीशुदा हैं। इसके बावजूद उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
पोस्टमार्टम रूम में बच्ची का सुहाग देख सन्न रह गए लोग
यह चौंकाने वाला मामला तब और भी ज्यादा स्याह हो गया, जब रविवार को जिला अस्पताल में मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। अस्पताल के डॉक्टर और वहां मौजूद पुलिसकर्मी उस वक्त अवाक रह गए, जब उन्होंने देखा कि महज 15 साल की उस मृत बच्ची की मांग में सिंदूर भरा हुआ था और गले में मंगलसूत्र लटक रहा था। ये सुहाग की निशानियां इस बात की गवाही दे रही थीं कि आरोपी फूफा ने समाज और कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी नाबालिग भतीजी के साथ पति-पत्नी का रिश्ता कायम कर लिया था। दोनों की उम्र के बीच करीब 30 साल का एक बहुत बड़ा फासला था, जिसने इस पूरी घटना को और भी वीभत्स बना दिया है।
जब खुला असल उम्र का राज, तो सताने लगा POCSO का खौफ
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो परतें खुल रही हैं, वो और भी खौफनाक हैं। असल में, यह पूरी साजिश 19 जून को शुरू हुई, जब आरोपी अपनी भतीजी को मीठी-मीठी बातों में फंसाकर अपने गांव ले गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी इस गलतफहमी में था कि लड़की बालिग हो चुकी है और उसकी उम्र 20 साल के आसपास है। लेकिन उसका यह भ्रम 20 जून को तब टूट गया, जब उसका सामना लड़की के परिवार वालों से हुआ।
लड़की के परिजनों ने आरोपी को साफ शब्दों में बताया कि वह अभी महज 15 साल 8 महीने की है। साथ ही, परिजनों ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी भी दे दी। पुलिस केस की बात सुनकर आरोपी बुरी तरह घबरा गया। उसे इस बात का पूरा अहसास हो गया कि एक नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसी संगीन धाराओं में उसे सीधा जेल जाना पड़ेगा और उसकी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे ही कटेगी। इसी कानूनी कार्रवाई और लोकलाज के खौफ ने उसे यह भयानक साजिश रचने पर मजबूर कर दिया।
दीवाल गांव के पास रची गई मौत की साजिश
रविवार का दिन इस दुखद कहानी का आखिरी पन्ना साबित हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी अपनी भतीजी को लेकर गांव से वापस लौट रहा था। इसी दौरान पंधाना मार्ग पर दीवाल गांव के पास उसने सुनसान इलाका देखकर अपनी बाइक रोकी। वहीं पर दोनों ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। सड़क किनारे तड़पते देख राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
आनन-फानन में दोनों को पहले पंधाना के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें खंडवा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्य से, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उस नाबालिग की सांसें थम गईं। अब लड़की के परिजनों ने फूफा पर सीधा-सीधा हत्या का संगीन आरोप लगाया है। उनका मानना है कि उसने खुद को बचाने के लिए उनकी बच्ची को जबरन जहर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है और मामले की बारीकी से जांच हो रही है ताकि इस दरिंदगी का पूरा सच सामने आ सके।

