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दूल्हे की माँ, बहन और दो भाभियों को निगल गया हादसा,

On: June 18, 2026 11:08 AM
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दूल्हे की माँ, बहन और दो भाभियों को निगल गया हादसा,

29 जून को बारात की तैयारियों में जुटे परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़ 

भात मांगने गई दूल्हे की मां, बहन और दो भाभियों समेत छह महिलाओं की सड़क हादसे में हुई मौंत 

उझानी। 28 जून को दावत और 29 जून को बारात की तैयारियों में जुटे परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि सारी खुशियां मातम में बदल गईं।भात मांगने गई दूल्हे की मां, बहन और दो भाभियों समेत छह महिलाओं की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मुरावन नगला गांव निवासी डाल सिंह के बेटे कुंवरपाल की शादी गठौना गांव में उसकी नानी के यहां से ही तय हुई थी।घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं।महिलाएं कपड़े,जेवर और अन्य रस्मों की तैयारियों में व्यस्त थीं।28 जून को दावत और 29 जून को बारात निकलनी थी।इसी बीच दूल्हे की मां राजकुमारी अपने मायके भात मांगने के लिए निकलीं।उनके साथ बेटी नारायण देवी, पुत्रवधू सरला, गंगाश्री, जेठानी रेवती और देवरानी प्रेमवती भी थीं।परिवार के लोग शादी की रस्म निभाकर लौटने का इंतजार कर रहे थे,लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।एक-एक कर मौत की खबरें गांव पहुंचीं तो खुशियों से भरा घर चीख-पुकार से गूंज उठा।

गांव में नहीं जला चूल्हा, शव पहुंचते ही मची चीत्कार:-हादसे के बाद गांव में हर आंख नम दिखाई दी।जिस आंगन में शादी के गीत गूंजने थे, वहां मातम पसरा हुआ है।परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि कुछ दिन बाद जिस घर से बारात निकलनी थी,अब उसी घर से अर्थियां उठ रही हैं।दूल्हे कुंवरपाल की मां,बहन और दो भाभियों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।शादी की तैयारियों के लिए जुटाया गया सामान अब लोगों की आंखों में आंसू ला रहा है।गांव की महिलाएं परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रही हैं,लेकिन किसी के पास इस दर्द का जवाब नहीं है।एक पल में खुशियों से भरा परिवार ऐसे गम में डूब गया,जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

हादसा देखकर हर आंख हो गई नम:-हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं के शव जब मुरावन नगला गांव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव की महिलाएं शवों से लिपटकर बिलखती रहीं,जबकि पुरुषों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। पूरे गांव में शोक के कारण किसी घर में चूल्हा नहीं जला।शादी की खुशियों में डूबा गांव अचानक मातम में बदल गया और हर तरफ सिर्फ सिसकियां और चीत्कार सुनाई देती रहीं।

करुआ पुल के पास हुए भीषण हादसे का मंजर:-करुआ पुल के पास हुए भीषण हादसे का मंजर जिसने भी देखा,उसकी आंखें नम हो गईं।सड़क पर बिखरा सामान, चीखते-बिलखते परिजन और घायल लोगों की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।हादसे के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया,लेकिन तब तक छह महिलाओं की जान जा चुकी थी।घटनास्थल पर मौजूद कई लोग देर तक उस दर्दनाक दृश्य को याद कर सिहरते रहे।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

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