समर इंडिया संवाददाता जावेद चौधरी
Amroha News -किसी भी इंसान की अंतिम विदाई सम्मान और गरिमा के साथ होनी चाहिए, लेकिन उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक ऐसी शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है जो हमारे ग्रामीण विकास के दावों की पोल खोलती है। एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद उसकी अंतिम यात्रा को घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा। अमरोहा वायरल वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पंचायत व्यवस्था से लेकर प्रशासन तक की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।
असल में, यह पूरा मामला अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक गंगेश्वरी की ग्राम पंचायत देहरी गुर्जर का है। बताया जा रहा है कि गांव की रहने वाली करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला प्रेमवती की शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ी। उन्हें खून की उल्टी हुई और कुछ ही देर में उनका निधन हो गया। परिवार पर पहले ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन रविवार सुबह जब ग्रामीण उनकी अर्थी लेकर श्मशान घाट की ओर निकले, तो उनके सामने एक और बड़ी मुसीबत खड़ी थी। गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह से जलभराव और गंदगी से अटा पड़ा था। मजबूरी में ग्रामीणों को उसी बदबूदार और कीचड़ भरे रास्ते से होकर श्मशान तक का सफर तय करना पड़ा।
अमरोहा वायरल वीडियो: आखिर क्यों पैदा हुए ऐसे हालात?
सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया है, उसे देखकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा। अर्थी को कंधा दिए लोग संभल-संभल कर कीचड़ में कदम रख रहे हैं। दरअसल, यह समस्या रातों-रात पैदा नहीं हुई है। गांव में जलनिकासी और साफ-सफाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। लंबे समय से नालियां चोक हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जहां पूरा रास्ता ही तालाब में तब्दील नजर आता है।
शिकायतों के बावजूद नहीं जागी पंचायत
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव की इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन सिस्टम के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अगर वक्त रहते नालियों की सफाई करा दी गई होती और पानी निकासी का सही इंतजाम होता, तो आज इस संवेदनशील मौके पर उन्हें यह बेइज्जती और परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। हर बार सिर्फ खोखले वादे किए जाते हैं, पर जमीन पर कोई काम नहीं दिखता।
बुजुर्गों का छलका दर्द- ‘अंतिम यात्रा तो गरिमामयी होनी चाहिए’
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। गांव के बुजुर्गों ने इस पूरे वाकये को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि जीते जी इंसान भले ही कितनी तकलीफें सहे, लेकिन उसकी अंतिम यात्रा कम से कम सम्मानजनक तरीके से निकलनी चाहिए। गंदगी और जलभराव के बीच से अर्थी ले जाना न सिर्फ मृतक का अपमान है, बल्कि यह पूरे गांव की बेबसी को भी दर्शाता है।
फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद गांव वालों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में जल्द से जल्द एक वृहद सफाई अभियान चलाया जाए, टूटी नालियों की मरम्मत हो और इस जलभराव की समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद भी प्रशासन नींद से जागता है या देहरी गुर्जर के लोग यूं ही नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

