तहसील सहसवान परिसर में बनी पानी की टंकी मांगे पूर्ण करने के लिए बना सुरक्षित स्थान
अब तक तीन लोग पानी की टंकी पर चढ़कर कर चुके हैं हाई वोल्टेज ड्रामा
सहसवान (बदायूं) सहसवान तहसील परिसर में बानी पानी की टंकी शासन प्रशासन से परेशान लोगों को अपनी मां ने पूर्ण करने के लिए सुरक्षित स्थान साबित हो रही है अब तक तीन लोग पानी की टंकी पर चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा कर चुके हैं|
वर्ष 2014 में ग्राम हरदत्तपुर निवासी जयदेव भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाए जाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गया उस समय तत्कालीन जिलाधिकारी शंभूनाथ एसडीएम हरिशंकर यादव के समय में जयदेव पानी की टंकी पर चढ़ गया तथा कई घंटे कड़ी मशक्कत के बाद एसडीएम के परिचालक जयपाल द्वारा बा मुश्किल भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त कराए जाने के आश्वासन पर नीचे उतारा गया।

सहसवान तहसील क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर कला निवासी जितेंद्र यादव पुत्र तेजपाल यादव ने 5 दशक पुराने अपने आवास पर अवैध रूप से तत्कालीन ग्राम प्रधान गंगासहाय ने राजस्व टीम से साथ गांठ करके आवास पर कब्जा कर लिया जितेंद्र यादव के परिवार को उपरोक्त ग्राम प्रधान प्रताड़ित करने लगा। जितेंद्र यादव ने समाधान दिवस में भी न्याय दिलाए जाने गुहार लगाई मौके पर पहुंची राजस्व टीम भी उसे न्याय ना दिला सकी।परेशान जितेंद्र यादव तहसील कार्यालय खुलने से पूर्व लगभग 9:30 बजे शिकायतों का पुलिंदा लेकर तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया और लटककर न्याय की गुहार लगाने लगा|ऊपर से ही उसने एक प्रार्थना पत्र जो उसकी पीड़ा से भरा हुआ था नीचे फेंककर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई तहसीलदार राकेश कुमार नायब तहसीलदार विकास कुमार के अलावा तहसील प्रशासन के अनेक कर्मचारी ने उसे नीचे उतरने के लिए कई बार आश्वासन दिया कि उसे न्याय दिलाएंगे
परंतु वह जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने के लिए मांग करने लगा मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशी गजेंद्र यादव तहसीलदार राकेश कुमार ने एक बार फिर जितेंद्र यादव से नीचे आने की गुहार की तो वह नीचे आ गया।लगभग 6 घंटे तक चल हाई वोल्टेज ड्रामे से तहसील एवं पुलिस प्रशासन के जहां हाथ पैर फूल गए वहीं तहसील कार्यालय में कर्मचारी गण भी हाई वोल्टेज ड्रामे को देखते रहे परिसर में भारी तादाद में भीड़ जमा थी मौके पर दमकल विभाग पुलिस प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची हुई थी।
तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी से अब लगता है की पुलिस प्रशासन राजस्व प्रशासन से परेशान व्यक्ति पानी की टंकी पर चढ़कर ही अब न्याय की गुहार लगाएगा।न्याय मांगने वालों के लिए तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी अब सुरक्षित स्थान बनती जा रही है समय रहते तहसील प्रशासन पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो तहसील में बनी पानी की टंकी पर चढ़कर कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपनी जीवन लीला समाप्त कर सकता है।रिपोर्ट-एस.पी सैनी

