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Amroha News-बेमौसम बारिश से खराब हुई है रबी की फसल? तो मुआवजे के लिए इन नंबरों पर करें शिकायत

On: April 9, 2026 12:00 PM
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Amroha News-अमरोहा: प्राकृतिक आपदाओं, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और बीमारियों की मार झेल रहे किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अमरोहा कृषि विभाग ने रबी मौसम (2025-2026) में खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए हेल्पलाइन नंबर और पूरी प्रक्रिया जारी कर दी है।

उप कृषि निदेशक डॉ० राम प्रवेश ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ और ‘पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना’ के तहत जिन किसानों ने अपनी फसलों (मुख्य रूप से गेहूं, सरसों एवं आलू) का बीमा कराया है, वे फसल नुकसान की स्थिति में बीमा कवर (क्षतिपूर्ति) का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए किसानों को तय समय के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी।

किसान घर बैठे यहां दर्ज कराएं अपनी शिकायत:

फसल के नुकसान की स्थिति में किसान अपनी सुविधा के अनुसार निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • टोल-फ्री नंबर: किसान सीधे 14447 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।

  • व्हाट्सएप नंबर: मोबाइल नंबर 7065514447 पर व्हाट्सएप के जरिए भी सूचना दी जा सकती है।

  • मोबाइल ऐप: गूगल प्लेस्टोर (Google Playstore) से ‘Crop Insurance’ (क्रॉप इंश्योरेंस) ऐप डाउनलोड करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

  • बैंक या कार्यालय: किसान अपनी संबंधित बैंक शाखा, राजकीय कृषि बीज भंडार या उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर भी शिकायत दे सकते हैं।

इंश्योरेंस कंपनी (इफको टोकियो) के अधिकारियों के नंबर:

किसानों की सुविधा के लिए तहसील स्तर पर इफको टोकियो के प्रभारियों के नंबर भी जारी किए गए हैं:

  •  रिशुकुमार (जिला प्रभारी): 9576384506

  •  बंन्टी सिंह (तहसील प्रभारी, अमरोहा): 6396097610

  •  रिंकू सैनी (तहसील प्रभारी, नौगांवा सादात): 7830989535

  •  टिंकू सिंह (तहसील प्रभारी, हसनपुर): 8476091487

  •  सुरेन्द्र प्रताप सिंह (तहसील प्रभारी, धनौरा): 8077443817

किन-किन स्थितियों में मिलेगा फसल बीमा का लाभ?

कृषि विभाग के अनुसार, किसान निम्नलिखित आपदाओं और नुकसान की स्थिति में मुआवजे का दावा कर सकते हैं:

  1. व्यापक आपदाएं: अगर ग्राम पंचायत में 75% से अधिक क्षेत्र में फसल की बुवाई न हो पाई हो। खड़ी फसल सूखा, बाढ़, ओला, तूफान, चक्रवात, जलभराव या आकाशीय बिजली से नष्ट हो जाए। या फिर फसल कटाई से 15 दिन पूर्व तक मौसम की मार से उपज में 50% से अधिक का नुकसान हो।

  2. स्थानिक आपदाएं: खड़ी फसल को ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने या आकाशीय बिजली से नुकसान पहुंचे। इसके अलावा, फसल कटने के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल अगर अगले 14 दिनों के भीतर ओलावृष्टि, चक्रवात या बेमौसम बारिश से खराब हो जाए, तो भी किसान मुआवजे के हकदार होंगे।

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