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Kaithal PACS recruitment scam-कैथल में पैक्स भर्ती घोटाला: 30 हजार लेते पकड़े गए असिस्टेंट रजिस्ट्रार

On: February 27, 2026 5:40 PM
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Kaithal PACS recruitment scam-
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Kaithal PACS recruitment scam-कैथल : पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसायटी) में नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। हरियाणा सहकारिता विभाग ने कैथल में तैनात पैक्स के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने उन्हें 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मामले में इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को भी टीम ने मौके पर काबू किया था।

जानकारी के अनुसार गांव पाडला निवासी मांगेराम ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह ने उसके पोते अभिमन्यु को पैक्स में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि दोनों अधिकारी पहले ही 70 हजार रुपये ले चुके थे और शेष 30 हजार रुपये लेने के लिए दबाव बना रहे थे। शिकायत के आधार पर एसीबी ने जाल बिछाया और वीरवार को 30 हजार रुपये लेते समय दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले की पुष्टि होने के बाद सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) की ओर से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश के तहत ऋषि महाजन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां हरियाणा, पंचकुला कार्यालय में रहेगा और वे बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

वेतन पर भी पड़ेगा असर

निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहले छह महीनों तक ऋषि महाजन को अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर राशि के आधार पर निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, जो आधे औसत वेतन के समान होगा। यदि निलंबन अवधि छह माह से अधिक बढ़ती है तो जीवन निर्वाह भत्ता निर्धारित नियमों के अनुसार दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि वह किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। पैक्स में भर्ती को लेकर पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद निलंबन ने सख्त संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब विभाग किसी प्रकार की ढील नहीं बरतेगा। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो मामले की आगे की जांच में जुटी है और दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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