उत्तर प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं को रोजगार देने के अपने अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस बल में नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टर और अन्य पदों के लिए चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ में 6 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई दी।
मंच से पूछे तीन सवाल, उम्मीदवारों ने एक सुर में कहा- नहीं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए मंच से उनसे तीन बेहद सीधे और तीखे सवाल भी पूछे। रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों ने एक सुर में ‘नहीं’ कहकर जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से ईमानदारी और निष्ठा से सेवा करने का आह्वान किया।
छह महीने में एक लाख नौकरियों का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ‘मिशन रोजगार’ को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की है कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य के एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। गोंडा में हाल ही में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने की कार्ययोजना तैयार है।
पारदर्शी भर्ती पर जोर
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे। सरकार के बयानों के अनुसार, साल 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थितियां थीं, जहां बिना परीक्षा में शामिल हुए भी नियुक्तियां मिल जाती थीं और नौकरियां केवल सिंडिकेट या लेन-देन के आधार पर मिलती थीं। सरकार का कहना है कि अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही है। UPPSC वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र की खबर यहां पढ़ें
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से युवाओं को रोजगार के अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। पुलिस बल में हुई यह नियुक्ति प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। UPSSSC PET आंसर की से जुड़ी खबर भी पढ़ें

