देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में मानसून की आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देवभूमि में अगले 5 दिनों यानी 13 जुलाई 2026 तक मौसम के बेहद खराब रहने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 13 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
गंगोत्री हाईवे ब्लॉक, थमे गाड़ियों के पहिए उत्तरकाशी जिले से आ रही खबर के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण प्रसिद्ध गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगहों पर भयंकर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे हैं, जिससे हाईवे पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। मार्ग बंद होने के कारण चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्री और स्थानीय लोग रास्ते में ही फंस गए हैं। बीआरओ (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें भारी मशीनों के साथ मलबे को साफ करने और रास्ता खोलने के काम में जुटी हैं।
प्रदेश की 32 सड़कें पूरी तरह बंद पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, भूस्खलन और सड़कों के धंसने के कारण कुमाऊं और गढ़वाल मंडल की कुल 32 मुख्य और ग्रामीण संपर्क सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से कई सुदूरवर्ती गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया है, जिससे वहां जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन ने जारी की सख्त एडवाइजरी मौसम की इस गंभीर स्थिति और 13 जुलाई तक लगातार खराब रहने वाले पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे नदी-नालों, उफनते गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (लैंडस्लाइड जोन) की तरफ भूलकर भी न जाएं। रात के समय पहाड़ों पर यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें और मौसम साफ होने पर ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।

