महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आया है. मामले में आरोपी BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर साल 2023 में आरोप लगे थे. विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक सहित देश की कई महिला पहलवानों ने उन पर यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी किया था.
सबूतों के अभाव में बरी किए गए बृजभूषण
दिल्ली कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी किया है. वे 20 जुलाई 2023 से जमानत पर थे. 10 मई 2024 को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट के आधार पर आरोप तय करने के बाद ट्रायल शुरू किया था. करीब साढ़े 3 साल चली कानूनी कार्रवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज 3 अगस्त 2026 को सुनाया गया. 18 जनवरी 2023 को बजभूषण पर आरोप लगे थे और 20 जनवरी को पहलवानों की शिकायत पर यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज हुई थी.
जंतर-मंतर पर पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन
बता दें कि 18 जनवरी 2023 को महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था. 19 जनवरी को BJP सांसद बबीता फोगाट ने प्रदर्शनकारी महिला पहलवानों से मुलाकात करके उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया. पीड़ित महिला पहलवानों ने उस समय देश के ल मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात की थी. अगले दिन 20 जनवरी को विनेश फोगाट ने भारतीय ओलंपिक संघ, प्रधानमंत्री कार्यालय, अनुराग ठाकुर और अमित शाह को ट्वीट करके बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दी. 21 जनवरी को पहलवानों ने धरना समाप्त कर दिया था.
बृजभूषण उत्तर प्रदेश में BJP के बाहुबली नेता
बता दें कि 1970 के दशक में छात्र संघ राजनीति से अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत करने वाले बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाहुबली नेता हैं. वे कैसरगंज लोकसभा सीट से 6 बार के सांसद हैं. उनके बेटे करण भूषण सिंह वर्तमान में कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं. उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल यानी गोंडा, बहराइच और बलरामपुर की राजनीति में बृजभूषण की पकड़ काफी मजबूत हैं. हालांकि यौन शोषण के आरोप लगने के बाद उन्हें भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष का पद छोड़ना पड़ा था, वहीं कैसरगंज लोकसभा सीट से अपने बेटे को चुनावी रण में उतारा था.

