सहसवान की प्राचीन धरोहरों को पर्यटन स्थल बनाने की मांग,मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
सहसवान (बदायूं) सहसवान में मौजूद प्राचीन धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सहसवान एसडीएम गौरव आर्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरसोता (सूरजकुंड) दण्ड झील सहस्त्रबाहु किला और जमुनिया खेड़ा स्थित भगवान परशुराम आश्रम के संरक्षण सौंदर्यीकरण और विकास की मांग की गई है।संगठन ने सरसोता की भूमि पर कथित अवैध कब्जों और निर्माणों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी गई है।

ज्ञापन में सरसोता ( सूरजकुंड) दण्ड झील, सहस्त्रबाहु किला और जमुनिया खेड़ा स्थित भगवान परशुराम आश्रम के संरक्षण और बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण की मांग की गई।
ज्ञापन में सरसोता की भूमि को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हिंदू शक्ति दल की ओर से आरोप लगाया गया है कि सरसोता की जमीन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जे और अवैध निर्माण किए गए हैं।
संगठन ने पूरे मामले की जांच कराकर सरकारी अथवा संबंधित भूमि को कब्जा मुक्त कराने और प्राचीन धरोहर को सुरक्षित किए जाने की मांग की है।
वहीं सहस्त्रबाहु किले के संरक्षण और विकास की भी मांग उठाई गई है।ज्ञापन में किले और उसके आसपास के कथित अवैध कब्जों की जांच कराने सहस्त्रबाहु की विशाल प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम से कॉरिडोर विकसित कर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा जमुनिया खेड़ा स्थित भगवान परशुराम आश्रम को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की गई है।संगठन का कहना है कि इन प्राचीन स्थलों का संरक्षण होने से सहसवान को धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। ज्ञापन में सरकारी भूमि पर कथित अवैध धार्मिक निर्माणों की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग शामिल है।हिंदू शक्ति दल की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन की प्रतियां प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।संगठन ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर उच्च न्यायालय का रुख किया जाएगा।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

