नयी दिल्ली/श्रीनगर: Terrorism के िखलाफ बुधवार को देश्ाभर में प्रदर्शन हुए। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम हमले को लेकर बुधवार को देशवासियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग इस घटना से व्यथित हैं और दुख की इस घड़ी में उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
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महबूबा के नेतृत्व में पीडीपी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर पार्क के पास पार्टी मुख्यालय से लाल चौक तक विरोध मार्च निकाला। मीडिया से बातचीत में महबूबा ने कहा, ‘यह Terrorism हमला सिर्फ मासूम पर्यटकों पर नहीं, बल्कि कश्मीरियत पर भी था। मैं देशवासियों से कहना चाहती हूं कि हम शर्मिंदा हैं।
कश्मीरियों का दिल दुखी है और हम दुख की इस घड़ी में आपके साथ खड़े हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए।’ जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने भी पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मार्च निकाला। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी सहित पार्टी के विधायक, नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।
Terrorism हमले की निंदा करते हुए बुधवार को पूर्ण बंद रखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया
रामबन में पहली बार मुस्लिमों और हिंदूओं का साझा प्रदर्शन
विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाओं से प्रभावित होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के निवासियों ने पहलगाम Terrorism हमले की निंदा करते हुए बुधवार को पूर्ण बंद रखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे इस कस्बे के इतिहास में संभवतः पहली बार मुस्लिम और हिंदू समुदायों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसका नेतृत्व इस्लामी विद्वानों ने किया।
उन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की। बौली बाजार की जामिया मस्जिद के इमाम गुल मोहम्मद फारूकी ने कहा, ‘हम पहले से ही कुदरत की मार से जूझ रहे हैं और अब इस मूर्खतापूर्ण हमले ने हमारे घाव को और गहरा कर दिया है। हम इस कृत्य की निंदा करते हैं, जो इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है।’

