समर इंडिया संवाददाता- जावेद चौधरी)
हसनपुर/अमरोहा उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद दर्दनाक और समाज को जागरूक करने वाली घटना सामने आई है। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव फूलपुर बीझलपुर में सांप के डसने (Snakebite) के बाद समय पर चिकित्सकीय उपचार न मिलने से 35 वर्षीय एक महिला की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में हुई देरी महिला के लिए जानलेवा साबित हुई। इस घटना से पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।
चारा काटते समय सांप ने डसा जानकारी के अनुसार, गांव निवासी देवराज खड़गवंशी की 35 वर्षीय पत्नी इमरती सोमवार शाम को पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थीं। खेत में चारा काटने के दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उनके बाएं हाथ की कोहनी के ऊपर डस लिया। सर्पदंश के कुछ ही देर बाद शरीर में जहर फैलने लगा और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
झाड़-फूंक में बर्बाद किया समय, गई जान महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास का शिकार हो गए। वे उन्हें लेकर झाड़-फूंक करने वाले के पास पहुंचे, जहां काफी देर तक तथाकथित ‘उपचार’ के नाम पर कीमती समय बर्बाद होता रहा। जब महिला की हालत अत्यंत गंभीर हो गई, तब परिजन उन्हें देर रात हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों की बात पर नहीं हुआ यकीन, भटकते रहे परिजन हैरानी की बात यह रही कि डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजनों को विश्वास नहीं हुआ। वे शव को लेकर दोबारा झाड़-फूंक कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। मंगलवार को जब मृतका का शव घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया।
6 बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस हृदयविदारक घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मृतका अपने पीछे छह छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। इनमें चार बेटियां—चांदनी (13), चंचल (10), नीरज (8) और पायल (4), तथा दो बेटे—मनीष (12) और गोपेश (6) शामिल हैं। मृतका के पति देवराज ने बताया कि इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। हसनपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा बिल्कुल न लें। पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि एंटी-वेनम (Anti-Venom) इंजेक्शन और समय पर उपचार मिलने से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है।

