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मेंथा फैक्टरी कांड, मोबाइल फोन की वॉयस रिकॉर्डिंग खोलेगी सुरक्षा गार्डों की मौत का राज..

On: January 16, 2026 5:03 PM
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मेंथा फैक्टरी कांड, मोबाइल फोन की वॉयस रिकॉर्डिंग खोलेगी सुरक्षा गार्डों की मौत का राज..

उझानी। बैंक ऑफ बड़ौदा के ऋण को लेकर अधिग्रहित भारत मिंट लिमिटेड में सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के मामले में घरवालों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर विश्वास नहीं हो रहा।पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच की मांग के साथ ही मृतकों के परिजन हर बिंदु पर खुलासा चाहते हैं।उनके मोबाइल फोन भी परिजनों के पास हैं।मौत से पहले उनकी किस-किस से क्या बात हुई, यह भी वॉयस रिकार्डिंग से सामने आ सकता है। मौत अगर किसी और वजह से हुई है तो वॉयस रिकार्डिंग राज खोलने में अहम साबित होगी।

तीन दिन पहले तड़के करीब सात बजे मेंथा फैक्टरी के गार्ड रूम में सुपरवाइजर जुगेंद्र सिंह, सुरक्षा गार्ड वीरभान यादव और विवेक यादव के शव फर्श पर पड़े मिले थे।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत की वजह दम घुटने से होना बताई गई है। टिन के तसले की राख को देख पुलिस ने भी दावा किया था कि अलाव की वजह से ही तीनों गार्डों का दम घुटा है।जबकि मृतकों के परिजन पुलिस के दावे और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं।

मृत सुपरवाइजर जुगेंद्र के परिवारीजन रामआसरे ने बताया कि महज अलाव के धुएं से तीनों का एक साथ दम घुट जाए, ऐसा संभव नहीं लगता। उन्होंने तो जुगेंद्र के शरीर पर चोट के निशान का भी दावा किया है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है। रामआसरे चाहते हैं कि मृतकों के मोबाइल फोन की वॉयस रिकार्डिंग की भी जांच होनी चाहिए। सीडीआर निकलवाए जाने से सबकुछ साफ नहीं हो सकता। वॉयस रिकार्डिंग से यह भी साफ हो जाएगा कि मौत से पहले तीनों सुरक्षा गार्डों की किस-किस से क्या बात हुई है। अगर कुछ संदिग्ध आता है तो उस पर जांच करके सच्चाई सामने आ सकती है।

मृत सुरक्षा गार्डों में वीरभान उर्फ भानु के परिजन भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं।वीरभान के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे इलाके के नेताओं के सामने भी न्यायिक जांच कराने की मांग की है। वीरभान के पिता श्रीपाल की मानें तो जांच जज की मौजूदगी में कराई जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी।मृतकों के परिजन फैक्टरी में पिछले साल हुए अग्निकांड को लेकर हुई कार्रवाई को भी कागजी बता रहे हैं।उनका कहना है कि तब प्रशासनिक अफसर भी यह नहीं मान रहे थे कि कर्मचारी मुनेंद्र की मौत जिंदा जलने से हुई है। घड़ी और अस्थियां मिलीं तो मुनेंद्र की मौत हो जाने का मामला सामने आया था।

सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, डीवीआर कहां हो गई गायब:-मेंथा फैक्टरी के मुख्य द्धार समेत गार्ड रूम के दोनों ओर सीसी कैमरे लगे हैं। इन्हें पुलिस की टीम चेक करने का दावा भी कर चुकी है।कैमरे किस डीवीआर से अटैच हैं।यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि आसपास इलाके के सीसी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।फैक्टरी के गार्ड रूम और परिसर में कहीं पर भी डीवीआर नहीं मिली है। अगर डीवीआर नहीं है तो फुटेज देखना भी मुश्किल है।

तीन दिन बाद भी जांच करने नहीं पहुंचे अफसर:-बंद फैक्टरी के अंदर चल रहे मेंथा के कारोबार और सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के मामले में डीएम अवनीश राय तीन सदस्यीय टीम से जांच कराने का आदेश कर चुके हैं। टीम में एडीएम एफआर वैभव शर्मा, एसडीएम मोहित कुमार और सीओ डॉॅ. देवेंद्र कुमार शामिल हैं। घटना को तीन दिन गुजर जाने के बाद भी जांच के लिए अफसर बृहस्पतिवार को भी मौके पर नहीं पहुंचे। दरअसल, घटना वाले दिन से आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। मृतकों के परिजन भी सवाल उठाते चले आ रहे हैं। इसे लेकर एडीएम (एफआर) ने बताया कि जांच प्रक्रिया चल रही है। तथ्यों पर गौर किया जा रहा है।जल्द ही स्थलीय जांच भी शुरू करेंगे।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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