नाधा पुलिस चौकी पर भारी हंगामा: पुलिस पर हत्यारोपी को संरक्षण देने का आरोप, शव रखकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
दोषी पुलिस चौकी कर्मियों को निलंबित किए जाने की मांग
सहसवान (बदायूं) थाना कादरनगर उर्फ कादरचौक में बीती रात हुए हमले में घायल हरिओम की राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को गांव लाते समय नाधा पुलिस चौकी के सामने परिजनों ने सैकड़ो ग्रामीणों के साथ पुलिस चौकी पर हमलावरों से सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए चक्का जाम कर दिया परिजनों एवं ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पुलिस चौकी नाधा का स्टाफ निलंबित नहीं किया जाता तथा दोषी अभिव्यक्तियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता कब तक चक्का जाम रहेगा ग्रामीण पुलिस चौकी के सामने जमकर हंगामा नारेबाजी कर रहे हैं सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की पुलिस पुलिस क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में हरिओम तथा जोगिंदर पुत्र गणपत का इलाज चल रहा था इलाज के दौरान हरिओम की मौत हो गई हरिओम के शव को बदायूं पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया जहां उसका चिकित्सीय परीक्षण किया गया।तत्पश्चात परिजन उसके शव को ट्रैक्टर ट्राली में लेकर गांव जा रहे थे जाते समय उन्होंने नाधा पुलिस चौकी के समक्ष ट्रैक्टर ट्राली रोककर सहसवान चंदौसी मार्ग पर चक्का जाम कर दिया तथा पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी हंगामा करने लगे तथा मांग की जब तक पुलिस चौकी के समस्त स्टाफ निलंबित नहीं किया जाता अव्यक्त को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक चक्का जाम नहीं खुलेगा परिजनों एवं ग्रामीणों की मांग है की पुलिस चौकी स्टाफ हत्या अभिक्तों से मिली हुई है उसी के इशारे पर हरिओम की हत्या की गई है।
बताया जाता है 4:30 बजे के लगभग लगा हुआ चक्का जाम समाचार लिखे जाने तक जारी था मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह तथा कई थानों की पुलिस मौजूद थी जो परिजनों एवं ग्रामीणों को अभिव्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा मामले की गंभीरता पूर्वक जांच करने के आश्वासन दे रही थी परंतु ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।रिपोर्ट-एस.पी सैनी 
