Shri Badrinath Dham के कपाट बंद होने के बाद, श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी और आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी योग बदरी पांडुकेश्वर मंदिर पहुंच गई है।
श्री उद्धव जी और कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे, जबकि आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी ज्योर्तिमठ के श्री नृसिंह मंदिर जाएगी। इसी के साथ योग बदरी पांडुकेश्वर और ज्योर्तिमठ में शीतकालीन पूजायें शुरू हो गई हैं।
भू-बैकुंठ Shri Badrinath Dham के कपाट कल रात्रि को शीतकाल हेतु बंद होने के बाद आज सोमवार प्रात: सेना के बैंड के भक्तिमय धुनों तथा बदरी विशाल के उदघो उद्घोष के साथ श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी बदरीनाथ से योग बदरी पांडुकेश्वर मंदिर पहुंच गयी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री बदरीनाथ धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।
Shri Badrinath Dhamश्री उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे
आज 18 नवंबर को पांडुकेश्वर प्रवास के बाद कल 19 नवंबर को आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी रावल धर्माधिकारी वेदपाठी सहित श्री नृसिह मंदिर ज्योर्तिमठ प्रस्थान करेंगे।
Shri Badrinath Dham – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में योगबदरी पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की पावन गद्दी कल मंगलवार 19 नवंबर पूर्वाह्न 10 बजे को योग बदरी पांडुकेश्वर से प्रस्थान कर श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ स्थित गद्दी स्थल पहुंचेगी

