संवाददाता आदमपुर
सरकार गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विकास क्षेत्र गंगेश्वरी की ग्राम पंचायत भूवरा में सरकारी प्रयासों की जमीनी हकीकत सवाल खड़े कर रही है। लाखों रुपये की लागत से तैयार कराया गया ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र वर्षों से इस्तेमाल के इंतजार में पड़ा है। जिम्मेदारों की निगरानी और नियमित देखरेख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
केंद्र का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन उसके संचालन और उपयोग को लेकर जिम्मेदारों की ओर से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह बड़ा सवाल है। केंद्र के पास ही जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए पांच गड्ढे भी तैयार किए गए हैं। इनका भी वर्षों से इस्तेमाल नहीं हुआ। नतीजा यह है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार संसाधन धीरे-धीरे जर्जर होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्र का संचालन शुरू कराया जाता तो गांव के कूड़े का उचित निस्तारण हो सकता था और खाद भी तैयार की जा सकती थी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और केंद्र को तत्काल शुरू कराने की मांग की है। सवाल यह भी है कि जब योजना के तहत संसाधन तैयार हो गए तो उनके संचालन की जिम्मेदारी निभाने में इतनी लापरवाही क्यों बरती गई?

