समर इंडिया संवाददाता आदमपुर
हसनपुर : तहसील अंतर्गत रहरा थाना क्षेत्र में पुलिस बर्बरता और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम जेवड़ा मु० निवासी शरद कुमार पुत्र रामफूल ने क्षेत्राधिकारी (सी ओ हसनपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ उसकी तहरीर लेने से इनकार किया, बल्कि उसे ही अवैध हिरासत में रखकर बेरहमी से पीटा और बाद में घर में घुसकर जानलेवा हमला भी किया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायती पत्र के अनुसार, घटना की शुरुआत 16 सितंबर 2026 को हुई जब शरद कुमार ग्राम हाकमपुर स्थित एक होटल में खाना खा रहा था। आरोप है कि उसी समय खुर्तिया निवासी देवेंद्र पुत्र राजवीर अपने 3 साथियों के साथ चार पहिया वाहन में शराब के नशे में आया और लोगों से गाली-गलौज करने लगा। जब पीड़ित ने अपना मोबाइल निकाला, तो देवेंद्र ने झूठा आरोप लगाया कि वह उसकी वीडियो बना रहा है। इसके बाद दबंगों ने शरद का फोन छीन लिया और लगभग 15 मिनट तक उसकी बेरहमी से पिटाई की।
तहरीर देने पहुंचे पीड़ित को ही हिरासत में लेकर पीटा
पीड़ित का आरोप है कि 18 सितंबर 2026 को रहरा थाने से उसे फोन करके शिकायत दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। जब वह न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उसकी तहरीर लेने के बजाय उसे ही अवैध रूप से हिरासत में ले लिया। आरोप है कि रातभर थाने में रखकर उसके साथ गंभीर मारपीट व उत्पीड़न किया गया और बाद में उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया, जहाँ से उसे हसनपुर SDM कोर्ट द्वारा जमानत मिली।
घर में घुसकर फिर किया जानलेवा हमला, कान से बहा खून
हद तो तब हो गई जब जमानत मिलने के बाद पीड़ित अपने घर पहुंचा। आरोप है कि थाना रहरा के उप-निरीक्षक ओमवीर सिंह, कांस्टेबल पारस मलिक और 3 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मी पीड़ित के घर में जबरन घुस आए और उसके साथ फिर से गंभीर मारपीट की। इस हमले में पीड़ित के कान से खून बहने लगा और उसकी हालत अत्यंत चिंताजनक हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका डॉक्टरी इलाज व मेडिकल परीक्षण कराया गया।
कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़ित शरद कुमार ने सीओ को प्रार्थना पत्र के साथ मेडिकल रिपोर्ट और जमानत आदेश की प्रति संलग्न कर सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच, विभागीय कार्रवाई तथा मुख्य आरोपी देवेंद्र व उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।

