नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र Modi की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझीदारी को मजबूत करेगी तथा रक्षा एवं आर्थिक संबंधों में सहयोग को नयी ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री की सऊदी अरब यात्रा का विवरण साझा करते हुए यह बात कही। श्री मिस्री ने कहा, “ प्रधानमंत्री अगले सप्ताह 22 और 23 अप्रैल को सऊदी अरब की यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है। Modi की सऊदी अरब की यह तीसरी यात्रा होगी। इससे पहले वर्ष 2016 और वर्ष 2019 में वह सऊदी अरब गये थे।”
Modi प्रवासी भारतीय कामगारों के किसी कार्यस्थल का दौरा भी कर सकते हैं
मिस्री ने कहा, “यह यात्रा भारत के लिए एक रणनीतिक साझीदार के रूप में सऊदी अरब के महत्व के कारण भी महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब एक बहुत बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय की मेजबानी करता है, संभवतः दुनिया में अपनी तरह का दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है।
सऊदी अरब इस्लामी दुनिया में एक अग्रणी आवाज है और तेजी से क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह यात्रा इस रणनीतिक साझीदार के साथ पहले से ही मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है। प्रधानमंत्री Modi और क्राउन प्रिंस कई लोगों के साथ बहुत करीबी व्यक्तिगत संबंध साझा करते हैं।
एक-दूसरे के प्रति गर्मजोशी और सम्मान और सर्वोच्च स्तर पर रणनीतिक मार्गदर्शन से द्विपक्षीय संबंधों को बहुत कुछ हासिल हुआ है।” एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीय कामगार एवं उनके परिवार के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने संभावना जताई कि श्री Modi प्रवासी भारतीय कामगारों के किसी कार्यस्थल का दौरा भी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों नेता भारत सऊदी अरब रणनीतिक साझीदारी परिषद की बैठक की सह अध्यक्षता करेंगे। इस परिषद में दो समितियों – राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक एवं सामाजिक मामलों की समिति और आर्थिक, निवेश, व्यापार एवं प्रौद्योगिकी संंबंधी समिति की बैठकें भी होंगी।
उन्होंने कहा कि दाेनों नेताओं के बीच बातचीत में रक्षा संबंधों और आर्थिक संबंधों में वृद्धि पर फोकस होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक कॉरिडोर के बारे में भी बातचीत होगी।

